उत्तर प्रदेश

गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे की पत्नी की हालत गंभीर, बाराबंकी के अस्पताल में कराया गया भर्ती

कानपुर में बिकरु कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी की शनिवार की देर रात   अचानक सेहत बिगड़ गई। जिस पर उसे बाराबंकी के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके सीने में तेज दर्द और काफी कमजोर थी। हालांकि तबियत में ज्यादा सुधार न होने के चलते उसे लखनऊ रेफर करने की तैयारी है।

खुशी को शूटआउट के बाद गिरफ्तार किया था। हालांकि वह नाबालिग थी। इसलिए कोर्ट के आदेश पर उसे 14 सितंबर 2020 को बाराबंकी संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था। बीते साढ़े आठ माह से वह यहां रह रही है।

केयर टेकर ने कहा- यहीं होगा, डॉक्टर बोले- कुछ जांचें यहां सभव नहीं

खुशी दुबे ने बताया कि वह काफी कमजोरी महसूस कर रही है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। साथ ही संप्रेक्षण गृह की केयर टेकर पूनम का कहना है कि डॉक्टर उसे लखनऊ रेफर कर रहे हैं, लेकिन वह उसका बाराबंकी जिला अस्पताल में ही इलाज करा रही हैं। वह उसे लखनऊ नहीं ले जाएगी। इसके अलावा जिला अस्पताल के डाक्टर बीएन मौर्या के मुताबिक खुशी दुबे का इलाज किया जा रहा है, लेकिन कुछ जांचें यहां नहीं हो सकती, इसलिए हम उसे लखनऊ रेफर कर रहे हैं। उसे लखनऊ नहीं ले जाने पर हम पेशेंट की जिम्मेदारी पर उसका यहां इलाज कर रहे हैं।

8 दिन में उजड़ गया था सुहाग

खुशी और अमर दुबे की शादी बिकरु कांड के 5 दिन पहले 29 जून, 2020 को शादी हुई थी। खुशी दुबे के पति और बिकरु कांड के आरोपी अमर दुबे को STF की टीम ने 5 जुलाई, 2020 को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था।

बिकरु कांड में पुलिस ने साजिश रचने का आरोपी बनाया था

खुशी दुबे को पुलिस ने बिकरु कांड में 120B (साजिशकर्ता) का आरोपी बनाया था। 5 जुलाई को जिस दिन STF ने उसके पति अमर दुबे को हमीरपुर में एनकाउंटर में ढेर किया, उसी दिन उसे भी हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद पुलिस पर उत्पीड़न पर लगे। खुशी को निर्दोष करार देते हुए कुछ लोगों ने उसकी रिहाई की मांग भी उठाई। इस बीच अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने 12 अगस्त 2020 को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (कानपुर देहात एंटी डकैती कोर्ट) में प्रार्थना पत्र देकर उसके नाबालिग होने के संबंध में साक्ष्य दिए थे। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने खुशी के उम्र निर्धारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड को मामला स्थानांतरित कर दिया था।

कोर्ट ने करार दिया था नाबालिग, भेजा था बाराबंकी संप्रेक्षण गृह

दो सितंबर 2020 को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने बोर्ड को बताया कि खुशी ने कक्षा 5 व 8 की परीक्षा शास्त्री नगर स्थित मां सरस्वती विद्यालय से और कक्षा 9 व 10 की परीक्षा पनकी स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज से पास की है और प्रमाणपत्रों के आधार पर उसका जन्म 21 अगस्त 2003 को हुआ था। हाई स्कूल के प्रमाणपत्र व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र भी पेश किए। जिसके आधार पर बोर्ड ने खुशी को नाबालिग मान लिया और फैसला सुनाते हुए कहा था कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर खुशी की उम्र लगभग 16 वर्ष 10 माह है।

अमर और खुशी को आशीर्वाद देता गैंगस्टर विकास दुबे। यह शादी विकास दुबे ने ही अपने घर के अहाते में कराई थी।

 

क्या है कानपुर शूटआउट?

कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। अगली सुबह से ही यूपी पुलिस विकास गैंग के सफाए में जुट गई। 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से सरेंडर के अंदाज में विकास की गिरफ्तारी हुई थी। 10 जुलाई की सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह एनकाउंटर में मारे गए थे।

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