उत्तर प्रदेश

गुड न्यूज़ : अब बिना डाटा खर्च करे देख सकेंगे अपने मोबाइल में टीवी प्रोग्राम्स, जानिए कैसे ?

प्रसार भारती और आईआईटी कानपुर के बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत आईआईटी कानपुर में मीडिया और प्रसारण के लिए नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। इस समझौते के तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तत्वावधान में तीन क्षेत्रों की पहचान की गई है जिनमें डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग एंड कन्वर्जेंस विद इमर्जिंग 5जी स्टैंडर्ड्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित ऑडियो-विजुअल मीडिया के लिए एडवांस एल्गोरिदम शामिल हैं। प्रसार भारती द्वारा प्रदान की गई धनराशि का लाभ उठाते हुए आईआईटी कानपुर इन पर रिसर्च करेगी और साथ ही ऐसी तकनीक बनाएगी जो बिना इंटरनेट डाटा खर्च किया आपके स्मार्ट फोन में डायरेक्ट टीवी का प्रसारण कर सके।
नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर बनेगा…
आईआईटी में नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की जाएगी। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि लोग अब मोबाइल, टैबलेट का उपयोग बहुत करने लगे हैं। फिल्म, सीरियल, न्यूज़ चैनल को देखने के लिए रोजाना काफी डाटा खर्च होता है। इसके लिए हम लोग ऐसी तकनीक तैयार कर रहे है जिससे दर्शकों का डाटा खर्च न हो और उनको टीवी चैनल भी दिखते रहे। प्रसार भारती इसमें आर्थिक सहयोग करेगा। प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत यह कार्य किया जाएगा।

5जी के वैश्विक मानकों के तहत प्रसारण क्षमताओं का होगा विकास…
भारत में तेजी से स्मार्टफोन की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए प्रसारण क्षमताओं को सीधे मोबाइल फोन पर लाना अनिवार्य हो गया है। समझौते के तहत प्रसार भारती और आईआईटी कानपुर का उद्देश्य 5जी के वैश्विक मानकों के तहत मोबाइल प्रसारण क्षमताओं का विकास करना है।

स्पेक्ट्रम के जरिये होगा प्रसारण…
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर अभय करंदीकर ने बताया, इस तकनीक में स्पेक्ट्रम का प्रयोग किया जाएगा, जो डाइरैक्ट आपके फोन में सिग्नल भेजेगा, जिसके जरिये आप अपना पसंदीदा टीवी शो देख पाएंगे। दरअसल स्पेक्ट्रम अलग अलग प्रकार की फ्रीक्वेंसी का समुच्चय है। स्पेक्ट्रम में अलग-अलग फ्रीक्वेंसी के परिपथ होते हैं। जिनपर डेटा संचार करता है. स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल इस बात पर निर्भर करता है की तरंग की लंबाई कितनी है। उसकी वेवलेंथ कितनी है और कितनी दूर तक ऊर्जा ले जा सकती है।

कॉमन ब्रॉडकास्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा…
निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया, एक ऐसा कॉमन ब्रॉडकास्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा ताकि ऑडियो और वीडियो ब्रॉडकॉस्ट कटेंट सीधे मोबाइल पर जा सकें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकॉस्टिंग, कन्वर्जेंस विद 5जी, ऑटोमेटिक स्पीच रिकॉग्नाइजेशन फॉर स्पीच सबटाइटल और ऑडियो और टेक्स्ट क्वेरी पर काम किया जाएगा।

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