उत्तर प्रदेश

गांव के विकास को ‘पंख’ लगाने वाली महिला समूहों की ओर से लगातार किये जा रहे कार्यों से बढ़ रहा यूपी का मान-सम्मान

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करेंगे सीएम योगी

10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाकर 1 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य, 97,663 समूहों का हुआ गठन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में लगीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बातचीत करेंगे। प्रदेश को प्रत्येक दिन मान-सम्मान दिलाने के कार्यों के लिये उनका उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी लेंगे। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाकर एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसको पूरा करते हुए विभिन्न जिलों में 97,663 स्वयं सहायता समूहों एवं उनके संगठन का गठन कर लिया गया है। सरकार के प्रयासों का असर है कि यूपी की महिलाएं ऊंची उड़ान भरने और मंजिलों को पाने में सफल हो रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनके सशक्तिकरण में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने बडी भूमिका अदा की है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समूहों से जोड़ने का बड़ा काम किया गया है। समूह की महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरणा ओजस कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कानपुर देहात में महिलाओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख के सामुदायिक शौचालय को सोलर ऊर्जा से जगमगाने का काम किया। इससे पहले कानपुर देहात के टोडरपुर गांव में उनकी ओर से शौचालय में सोलर विद्युतीकरण का कार्य किया जा चुका है।

राज्य सरकार की मंशा के अनुसार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्रदेश में सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव, राशन की दुकानों का संचालन, पोषाहार के वितरण, स्कूल ड्रेस और स्वेटर का निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, गौ आधारित खेती, गोबर एवं मिट्टी के दीयों के निर्माण कर रही हैं। डेयरी के कार्यों में भी रोज उपलब्धियां हासिल करने में समूह की महिलाएं जुटी हैं। महिलाओं को हर गांव में बैंकिंग गतिविधियों के लिये बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी बनाया गया है। इनकी मदद से लोग बैंक में लाइन लगाए बगैर सुविधापूर्ण ढंग से धनराशि की जमा और निकासी कर रहे हैं।

28 लाख स्कूली बच्चों को किया स्टडी सोलर लैम्पों का वितरण

कानपुर देहात में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 978 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। 10,758 ग्रामीण महिलाओं को समूह से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की योजना के तहत 28 लाख स्कूली बच्चों को स्टडी सोलर लैम्पों का वितरण किया जा चुका है। बाजारों में 500 रुपये की कीमत के मिलने वाले लैम्प को इन महिलाओं ने स्कूली बच्चों को मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराया। इनको चार हजार महिलाओं ने तैयार किया था।

 30 जिलों में समूह की महिलाओं ने 700 से अधिक सोलर शॉप खोलीं

गांव-गांव को सोलर ऊर्जा से रोशन करने में जुटीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खुद की सोलर स्मार्ट शॉप खोलकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। यूपी में पहली बार सरकार की योजनाओं का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है। प्रदेश के 30 जिलों के 75 ब्लॉको में समूह की महिलाओं ने 700 से अधिक सोलर शॉप विभिन्न स्थानों पर खोली हैं। ये महिलाएं प्रत्येक महीने 8000 रुपये से 10,000 रुपये कमा रही हैं। महिलाएं सोलर लैम्प, सोलर टॉर्च, सोलर लालटेन, होम लाइटिंग सिस्टम, सोलर पावर बैंक, सोलर पंखा, टेबल लैंप, सोलर के खिलौने, पैनल आदि की बिक्री करती है और इनकी रिपेयरिंग का कार्य भी उनकी ओर से ही किया जाता है।

बॉक्स: बुंदेलखंड में दूध उत्पादन में बनाए रिकार्ड

बुंदेलखंड के विकास को आगे बढ़ाने में लगीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कोविड काल में दूध उत्पादन ने रोज नए रिकॉर्ड बनाए। 2019 में सीएम योगी ने योजना की शुरुआत की। महिला किसानों को रोजगार मिलने के साथ पहले से कई गुना आमदनी भी बढ़ गई। योजना से झांसी, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट के 634 गांव की 24180 महिला किसानों को लाभ मिलना संभव हुआ। प्रतिदिन 60000 लीटर दूध का संग्रहण और व्यापार करने वाली महिला किसानों के खाते में योजना के तहत सरकार 84 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर चुकी है।

दलहन-तिलहन की खरीद में भी समूह की महिलाएं हासिल करेंगे नए मुकाम 

राज्य सरकार ने गेहूं और धान खरीद के बाद अब दलहन-तिलहन खरीद में रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर ली है। योजना की शुरुआत बुंदेलखंड से की जाएगी। पिछली सरकारों में सबसे पिछड़े रहे बुंदेलखंड परिक्षेत्र में विकास की बयार लाने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने दलहन, तिलहन वैल्यू चेन परियोजना को शुरु किया है। सितम्बर-अक्टूबर माह में खरीफ की फसल से इसका काम शुरु किया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिये झलकारी बाई महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के गठन का काम पूरा कर लिया गया है। इस 03 वर्षीय परियोजना में 17700 महिलाओं को शामिल कर शेयर होल्डर बनाया जाएगा। महोबा के तीन और झांसी के चार विकास खंडों में 250 गांव की महिलाएं दलहन और तिलहन की खरीद करेंगी।

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