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गांव की राजनीति : “शराब, मुर्गा बांटो, चाहे नोट” “झूठे वादे करने वालों को नही मिलेंगे वोट”

लखीमपुर-खीरी .  खीरी जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अब अपने चरम पर है।गांवों में चुनावी सभी गली गली नुक्कड़ पर लगी दिखाई पड़ रही है।एक-एक ग्राम पंचायत में दावेदार वोटरों को रिझाने और उनकी मान मनौव्वल करके अपनी तरफ आकर्षित करने में लगे दिखाई पड़ हैं।प्रत्याशियों को अपने कदमों में गिरा देख मतदाता भी पूरी गणित लगाने लगे हैं।

विकास खण्ड फूलबेहड की 73 ग्राम पंचायत,ब्लाक निघासन मे 65 ग्राम पंचायत व विकास खण्डों में आने वाली ग्राम पंचायतों में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम सीमा पर है।ऐसे में वोटर भी इस बार जागरूक दिखाई पड़ रहे हैं। मतदाता उम्मीदवारों के लॉलीपॉप को नजरंदाज करते हुए नये चेहरे तलाश रहे है।प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए भैया,दादा,बाबा,दादी जैसे हजारों नाते जोड़ते दिखाई पड़ रहे हैं।लेकिन,इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ही जनार्दन है तो वह ऐसे लोगों के भूले बिसरे समय का उनके व्यवहार का काला चिट्ठा पढ़ाने से भी नहीं चूकती है।

“शराब,मुर्गा बांटो,चाहे बांटो नोट” “झूठे वादे वालों,नही मिलेंगे वोट”

पढ़ें लिखे व युवा जागरूक वर्ग का दावा है कि अबकी बार चुनाव में लालच देने उम्मीदवार को अपना अमूल्य वोट नहीं किया जाएगा क्योंकि लाखों रुपये पानी की तरह बहाकर चुनाव जीतने वाले दावेदार जनता के विकास की जगह स्वयं का विकास व तिजोरियां भरने में जुट जाते हैं और गरीब जनता का शोषण करने से लोग बाज नही आते है।फूलबेहड,सरवा,लौकिहा,तेतारपुर,तेंदुआ,राजापुर,अजनापुर, निघासन,लुधौरी,रकेहटी,बंगलहाकुटी, मैगलगंज, औरंगाबाद, जेबी गंज आदि के मतदाताओं का कहना है कि इस बार शराब मुर्गा और नोट बांटने वाले उम्मीदवारों से सतर्क रहना है,जिससे अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल कर सके।

चुनाव के दौरान पानी की तरह पैसा बहाने वाले दावेदार जीतने के बाद चुनाव पर खर्च की गई भारी भरकर धनराशि ब्याज सहित वसूल करते हैं।ऐसे में ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों की जगह विजयी प्रत्याशी भ्रष्टाचार के रास्ते पर चलने लगता है।
(विनीत मिश्रा,लौकिहा)

पंचायत चुनाव शुरू होते ही प्रत्याशी शराब और मीट की दावते शुरू कर देते हैं,जिससे उनका खर्च लाखों में पहुंच जाता है यहीं से भ्रष्टाचार की शुरुआत होती है।इसलिए ऐसे लोगों वोट नहींं देना चाहिए।

(देवेन्द्र बाजपेई,मैगलगंज )

जो प्रत्याशी शराब से जनता की सेवा करेगा वह जनता का हित क्या करेगा?यदि प्रत्याशी लाखों खर्च करेगा तो करोड़ों कमाने की इच्छा भी करेगा।इसलिए ऐसे व्यक्ति को वोट करना चाहिए जो न तो स्वयं गलत आचरण रखता हो और न ही गलत आचरण करने वाले का साथ देता हो।
(अमित कुमार तिवारी,लौकिहा)

पंचायती चुनाव का बिगुल बजते ही शासन प्रशासन की सतर्कता के बावजूद भी ग्रामीण अंचलों में अवैध कच्ची शराब की खपत एकाएक बढ़ जाती है। उम्मीदवार मतदाताओं की सेवा चालू कर देते हैं।इस तरह का लालच देने वाला दावेदार आखिर क्या विकास करेगा?
(चंद्रमोहन उर्फ चमन सिंह राणा,सिगाही-निघासन)

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