उत्तर प्रदेश

गांवों में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए तेज गति से उठाए प्रभावी कदम : मण्डलायुक्त

-मण्डलायुक्त ने सरदारनगर पीएचसी व चौरीचौरा सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

गोरखपुर। मण्डलायुक्त जयंत नार्लीकर ने चौरीचौरा क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरदार नगर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड की जांच व टीकाकरण का जायजा लिया। चौरीचौरा क्षेत्र में बढते कोरोना संक्रमण को लेकर अधिनस्थों पर नाराजगी जताई। गांवों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आरआरटी टीम भेजकर तेजी से काम करने और स्वास्थ्य केंद्रो पर तैनात मैन पावर का समुचित उपयोग करने का निर्देश दिया।

दोपहर एक बजे पीएचसी सरदारनगर और सीएचसी चौरीचौरा पहुंचे कमिश्नर जयन्त नार्लीकर ने अस्पताल में कोविड जांच के लिए एकत्रित किये जाने वाले सेम्पल की जानकारी लिया। उन्होंने जांच कराने आये लोगों से होने वाली किसी भी असुविधा के सम्बंध में पूछा। टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर सोशल डिस्टेंस और मास्क का प्रयोग करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन होने वाले वैक्सिनेशन की जानकारी लेते हुए उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिया कि टीकाकरण के लिए आने वालों के लिए एक कतारबद्ध व्यवस्था किया जाए जिसमें लोगों को सोशल डिस्टेंस के साथ बैठने की व्यवस्था हो। कमिश्नर ने एडिशनल सीएमओ को एक और गाड़ी की व्यवस्था जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया। चौरीचौरा क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए इसका कारण पूछा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर हरिओम पाण्डेय ने बताया की चुनाव के दौरान बाहर प्रदेशों से आए लोगों के कारण संक्रमण में वृद्धि हुई है। कमिश्नर ने आरआरटी टीम बढाकर तेजी से काम करने का निर्देश दिया।

सीएचसी चौरीचौरा का निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां किये जा रहे टीकाकरण को देखा। यहां बनाये जा रहे कोविड अस्पताल की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम पवन कुमार को निर्देश दिया कि यहां के टीकाकरण सेंटर को अस्पताल परिसर से बाहर किसी अन्य जगह बनवाया जाए। सीएचसी पर कोविड जांच न होने की जानकारी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और एडिशनल सीएमओ को निर्देश दिया कि यहां जांच शुरू करने के लिए एलटी की तैनाती की जाए। अस्पतालों पर तैनात डॉक्टरों की संख्या की जानकारी लेने के बाद कहा कि मौजूद मैनपावर का ठीक ढंग से प्रयोग करें और कोविड को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। कमिश्नर ने अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी लिया। सीएचसी पर आने वाले कोरोना मरीजों को देखते हुए एसडीएम को अस्पताल पर सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

अस्पताल के सामने होने वाले जल जमाव की समस्या को दूर करने के लिए चेयरमैन प्रतिनिधि ज्योति प्रकाश गुप्ता को इंटरलॉकिंग कराने और जल निकासी की व्यवस्था का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ इंद्रजीत सिंह, डीसी एनआरएलएम अवधेश राम, एसडीएम पवन कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गुप्ता, नायब तहसीलदार अलका सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. एस.एन.त्रिपाठी, बीडीओ सरदारनगर राजकुमार, प्रभारी निरीक्षक सन्तोष कुमार अवस्थी, प्रभारी चिकित्साधिकारी सरदारनगर डॉक्टर हरिओम पाण्डेय, सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सर्वजीत प्रसाद, चेयरमैन प्रतिनिधि ज्योति प्रकाश गुप्ता, डॉ. ओमशिव मणि त्रिपाठी, डॉ. बृजभूषण चौरसिया, डॉ. अरुण त्रिपाठी, डॉ. हर्ष पाण्डेय, डॉ. जया सिंह, डॉ. अन्नपूर्णा यादव, डॉ. शिशिर राय सहित सभी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

चौरीचौरा में कोरोना के पाजिटिव व मृतकों की संख्या है चिंताजनक : कमिश्रनर

-गांवों में व्यापक जांच अभियान चलाने का दिया निर्देश

गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र के ग्राम गौनर में 14 ग्राम पंचायतों की निगरानी समितियों के साथ बैठक में कमिश्नर जयन्त नार्लीकर ने कहा कि गौनर सहित जिन भी गांवों में ज्यादा मौतें हुई हैं। वहां घर घर का सर्वे कर लोगों की जांच करें।

चौरीचौरा क्षेत्र में पाजिटिव और मृतकों की संख्या चिंताजनक है। इसके लिए गांव की आशा, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, ग्राम प्रधान और स्वास्थ्य टीम समन्वय बना कर काम करें। गौनर कि आशा और एएनएम से गांव में कोविड के निकलने वाले केसों के बारे में पूछा। कमिश्नर ने कहा कि गौनर के एक एक घर का सर्वे किया जाए आए लोगों की जांच की जाए। जांच में किसी तरह की दिक्कत आती है तो पुलिस का सहारा लें। जानवः के दौरान जिन लोगों में लक्षण दिखता है उनको तत्काल दवा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर कोटेदारों के पास भी जांच शिविर लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निगरानी समिति के पास मेडिसिन किट होनी चाहिए। उपस्थित ग्राम प्रधानों से कहा कि निगरानी समितियों को प्राथमिकता दें और उनका सहयोग करें। ग्रामीण अंचल में संक्रमण को फैलने से रोकना है तो निगरानी समिति को सक्रिय रहना होगा।

संघे शक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। संक्रमण जाति, धर्म और धन नहीं देखता। इसलिए इसको अपने क्षेत्र व गांव से दूर रखने का प्रयास करें। टीकाकरण को लेकर जो लोग भ्रांति फैला रहे हैं उससे लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाए। निगरानी समिति में आंगनवाड़ी का सहयोग न मिलने की शिकायत पर कमिश्नर ने सीडीपीओ पर नाराजगी जताई और कहा कि चौरीचौरा में अब सीडीओ, एसडीएम और तहसीलदार पूरे मामले का मॉनिटरिंग करेंगे। जो लोग सर्वे में मौजूद नहीं होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सर्वे का काम प्लान बनाकर करने का निर्देश दिया। तथा कोरोना मरीजों को एलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवा वितरण का निर्देश दिया।

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