उत्तर प्रदेश

गवाह है गंगा : गाजीपुर-बक्सर.. बनारस-उन्नाव.. अब भदोही-मिर्जापुर में बहते शव मिलने से मचा हड़कंप

बिहार के बक्सर और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा नदी में सैकड़ों बहती हुई लाशों के मिलने के बाद एक दूसरे राज्य की पुलिस पर आरोप-प्रत्यारोप का मामला जहांं अभी थमा भी नहीं है कि अब उत्तर प्रदेश के भदोही में गंगा नदी में शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। भदोही जिला प्रशासन जहां असहज स्थिति में है, वहीं गंगा उस पार का इलाका जो जनपद मिर्जापुर में आता है, वहां का पुलिस प्रशासन गंगा नदी के किनारे लोगों को जागरूक करने के साथ भ्रमण करता हुआ नजर आया है।

गौरतलब है कि भदोही जनपद के गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग से 4 किमी दक्षिणी छोर पर स्थित रामपुर गंगा घाट पर अचानक मिले शव को देखते ही सनसनी फैल गई। गाजीपुर, मऊ, बलिया जनपदों की गंगा नदी में लाशें मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।

भदोही जनपद में भी गंगा में गुरुवार 13 मई को दो शव उतराए मिले हैं। गंगा नदी में जिस तरह से शव मिल रहे हैं, उससे आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। रामपुर गंगा घाट के शमसान घाट के पास शव मिले है।

श्मशान घाट पर शवो के अंतिम संस्कार का कार्य कराने वाले और अन्य स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार 11 मई को भी चार शव गंगा में देखे गए थे। लाशों से आ रही बदबू की वजह से उनमें से कुछ शवों को लोगों ने घाट के पास से दूर कर दिया था, ताकि वह बहकर आगे बढ़ जायें। इन शवो के निस्तारण को लेकर कोई खास बंदोबस्त नही दिख रहा है, जबकि सरकार द्वारा निर्देश दिए गए है कि अगर गंगा में शव मिलते है तो उनका अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए।

रामपुर गंगा घाट जनपद भदोही में आता है, वहीं उसका दूसरा किनारा मिर्जापुर जनपद सीमा में आता है ऐसे में दोनों तटों के वाशिंदे सशंकित हो उठे हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि संभवत: यह लाशें प्रयागराज जनपद से बहते हुई यहां तक पहुंची होंगी।

पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह कहते हैं, प्रशासन द्वारा दोनों शवों का सरकार से निर्धारित खर्च पर उनके अंतिम संस्कार कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर गंगा नदी में शव न फेंकने के लिए लोगों को मिर्जापुर पुलिस ने जागरूक करना शुरू किया है।

पिछले कुछ दिनों से गंगा के किनारे स्थित विभिन्न जनपदों में शव मिलने से मचे हड़कम्प के बाद अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय वर्मा ने विन्ध्याचल स्थित गंगा घाटों पर मोटरबोट पर सवार होकर नाविकों व मौजूद स्थानीयों को जागरूक किया कि कोई भी व्यक्ति नदी में शव को प्रवाहित न करने पाए। यदि कोई भी व्यक्ति मजबूरी में ऐसा करने का प्रयत्न करता हो तो फौरन इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दें।

अगर किसी के पास शवदाह इत्यादि के लिए धन की समस्या होती है तो जिला प्रशासन द्वारा धन का प्रबन्ध कर अंत्येष्टि की जाएगी।

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