धर्म

खुदाई में निकला श्रीराम का धनुष, कहां-कब-कैसे हुआ ये चमत्कार

यह जमाना इन्टरनेट और सोशल मीडिया का है और आज सोशल मीडिया से कुछ नहीं बच सकता . देश हो या चाहे विदेश शायद ही कोई ऐसी खबर होगी जो सोशल मीडिया से बची होगी . आज सोशल मीडिया में दुनिया को काफी छोटा बना दिया है क्युकी एक छोटी सी खबर भी किसी से बच नहीं सकती . सोशल मीडिया में आये दिन ऐसी कई तस्वीरे वायरल होती है जिनके पीछे की सच्चाई कोई नहीं जनता . और हाल ही में एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसने सोशल मीडिया पे हंगामा मचा दिया है .

दरअसल आजकल सोशल मीडिया पर इस विशालकाय धनुष की तस्वीर काफी वायरल हो रही है . इस तस्वीर को आपने भी कई बार सोशल साइट पर देखा होगा . दुनिया भर में वायरल हो रही इस तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि ये खुदाई में मिला भगवान राम का धनुष है . इस तस्वीर से पूरी दुनिया में खलबली मचा गयी है . इस धनुस को सब कोदंड बुला रहे है क्युकी भगवान राम के धनुष का नाम कोदंड था इसीलिए प्रभु श्रीराम को कोदंड कहा जाता था . ‘कोदंड’ का अर्थ होता है बांस से निर्मित .

कोदंड एक चमत्कारिक धनुष था जिसे हर कोई धारण नहीं कर सकता था . कोदंड नाम से भिलाई में एक राम मंदिर भी है जिसे ‘कोदंड रामालयम मंदिर’ कहा जाता है . भगवान श्रीराम दंडकारण्य में 10 वर्ष तक भील और आदिवासियों के बीच रहे थे .एक बार समुद्र पार करने का जब कोई मार्ग नहीं समझ में आया तो भगवान श्रीराम ने समुद्र को अपने तीर से सुखाने की सोची और उन्होंने तरकश से अपना तीर निकाला ही था और प्रत्यंचा पर चढ़ाया ही था कि समुद्र के देवता प्रकट हो गए और उनसे प्रार्थना करने लगे थे . भगवान श्रीराम को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर माना जाता है . हालांकि उन्होंने अपने धनुष और बाण का उपयोग बहुत ‍मुश्किल वक्त में ही किया .

प्राचीन समय में सैन्य विज्ञान का नाम ही धनुर्वेद था, जिससे सिद्ध होता है कि उन दिनों युद्ध में धनुष बाण का कितना महत्व था . नीतिप्रकाशिका में मुक्तवर्ग के अंतर्गत 12 प्रकार के शस्त्रों का वर्णन है, जिनमें धनुष का स्थान प्रमुख है . अब अचानक सोशल मीडिया पर भगवान राम के तथाकथित धनुष ने सीधे हिंदुओं के दिल पर हाथ रख दिया है . इस धनुष के बारे में अब तक जो भी जानकारियां मिल रही हैं उसकी पुष्टी नहीं हुई है . कुछ लोग तो ये दावा भी कर रहे हैं कि इस धनुष को दुनिया के तमाम आर्कोलॉजिस्ट ने भी परिक्षण के बाद सही पाया है .अब इन खबरों में कितनी सच्चाई है ये तो वक्त बताएगा . फिलहाल जिस तरह से पूरी रामायण हमारी श्रद्धा से जुड़ी है उसी तरह धनुष की ये खबर भी हमें उतना ही सच मानने को मजबूर कर रही है

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