उत्तर प्रदेश

क्राइम कंट्रोल के साथ ही असहायों का सहारा भी बने पुलिस : एसएसपी

थानों पर ही मामलों का करें निस्तारण

गोरखपुर। आमतौर पर पुलिस की छवि सामान्य लोगों में कड़क ही होती है पर सिटीजन पुलिसिंग ने काफी हद तक आम जनता को बेहिचक पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के लिए अच्छा माध्यम भी बना। बीते लॉक डाउन में पुलिस ने जनता का हर कदम साथ भी दिया यहां तक कि पुलिसकर्मियों ने जरूरतमंदों को खून देकर भी नया जीवन दिया। एसएसपी दिनेश कुमार पी भी इस ओर काफी प्रयासरत हैं और उन्होंने मातहतों को इस ओर ध्यान देने का निर्देश दिया कि अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ ही वे गरीब व असहाय लोगों की मदद को आगे आएं। उनकी पीड़ा को समझें और उनकी मदद करें। अगर पुलिस के किसी भी कार्य से किसी गरीब व बेबस के चेहरे पर खुशी आती है तो ऐसे नेक काम करने वाले पुलिसकर्मियों को इनाम भी दिया जाएगा।एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने रविवार की रात जिले के सभी थानेदारों व हल्का दरोगाओं की आनलाइन बैठक ले रहे थे।

इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस कर्मी कुछ अच्छा काम करता है और जरूरतमंदों की मदद करता है तो वह उसके साथ सेल्फी लेकर पुलिस के व्हा्टसएप ग्रुप पर भेंजे। ऐसे पुलिसकर्मियों को इनाम भी दिया जाएगा।इसके साथ से पुलिस कप्तान ने लापरवाह व गैर जिम्मेदार कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उनके इलाके में अपराध व अपराधियों पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जाना चाहिए। सभी थानों में 15 सालों में अपराध में संलिप्त बदमाशों की सूची तैयार कर उनका तत्काल डोजियर भरा जाए। ताकि किसी भी घटना के बाद पुलिस को यह जानकारी हो कि ऐसे अपराध को उनके क्षेत्र के किस बदमाश ने अंजाम दिया होगा।एसएसपी ने थाने के टॉप 5, टॉप 10, हिस्ट्रीशीटर, चोर व लूटेरों की लिस्ट अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि पशु तस्करों पर कार्रवाई से लेकर किराएदारों के सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने चोरी, लूट व हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल बदमाशों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मी आम जनता से किए जाने वाले व्यवहार में तत्काल बदलाव लाएं और उनकी समस्याओं को सुन थाने पर ही उसका निस्तारण सुनिश्चित करें।

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