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क्यों बनाया जा रहा पुलिसवालियों पर ‘सेक्सी’ दिखने का प्रेशर ?

आपने महिला पुलिसकर्मियों को अक्सर ही टाइट-फिटिंग वाली यूनिफॉर्म्स में ही देखा होगा. पुरुष पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों की पोशाक में काफी अंतर होता है. पुरुषों की यूनिफॉर्म महिलाओं की तुलना में ज्यादा कंफर्टेबल होती हैं. वहीं महिलाओं की यूनिफॉर्म अच्छी-खासी फिटिंग वाली होती हैं. दोनों का काम एक है, लेकिन यूनिफॉर्म में काफी अंतर है.

इंग्लैंड में इस तरह की टाइट फिटिंग वाली यूनिफॉर्म्स के कारण बहुत सी मुस्लिम महिलाएं और ब्लैक महिलाएं, पुलिस फोर्स ज्वॉइन करने से कतराती रही हैं. ये बात इंग्लैंड की समझ में आ चुकी है, तभी अब यहां वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस ने महिलाओं के लिए ढीली फिटिंग वाली यूनिफॉर्म बनवाई है, ताकि इस यूनिफॉर्म में महिला पुलिसकर्मी कंफर्टेबल महसूस करें. लूज़ फिटिंग वाली यूनिफॉर्म लॉन्च करने का मैन टारगेट पुलिस फोर्स ज्वॉइन करने के लिए मुस्लिम महिलाओं और ब्लैक महिलाओं का ध्यान खींचना है.

पुलिस अफसर फिरजाना अहमद नई यूनिफॉर्म पहने हुए. फोटो कर्टसी- halifax courier

वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस का कहना है कि नई यूनिफॉर्म में महिला पुलिसकर्मियों का फीमेल फॉर्म नहीं दिखेगा. इस तरह की यूनिफॉर्म बनाने का आइडिया एक मुस्लिम महिला अधिकारी ने ही दिया था. असिस्टेंट चीफ कांस्टेबल एंजेला विलियम्स कहती हैं, ‘पिछले करीब एक महीने से हम महिलाओं के लिए बनाई गई नई यूनिफॉर्म का ट्रायल कर रहे हैं, इसमें महिलाओं का फीमेल फॉर्म नहीं दिखेगा. एक मुस्लिम महिला अधिकारी ने ही हमें इस तरह की यूनिफॉर्म बनाने का सुझाव दिया था और इस यूनिफॉर्म को हमारे क्लॉथिंग मैनेजर ने ही डिजाइन किया है. ये ट्यूनिक ढीली और लंबी है और इसमें फुल स्लीव्स हैं. फोर्स के कई अधिकारियों को ये नई यूनिफॉर्म पसंद आई है और इसे अच्छे रिव्यू भी मिले हैं. अगर और भी अधिकारी इस यूनिफॉर्म का ट्रायल लेना चाहेंगे तो हम जरूर उन्हें ये पोशाक मुहैया कराएंगे. मुझे उम्मीद है कि जो महिलाएं यूनिफॉर्म के कारण पुलिस फोर्स ज्वॉइन करने से पीछे हटती रही हैं, वह अब आगे आएंगी और इसमें शामिल होंगी.’

पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की यूनिफॉर्म में अंतर होता है. फोटो कर्टसी- Getty Images 

इस यूनिफॉर्म को सबसे पहले पुलिस कांस्टेबल फिरज़ाना अहमद ने ट्राई किया और उन्हें यह काफी पसंद भी आई. इस यूनिफॉर्म की ट्यूनिक शर्ट की तुलना में काफी लंबी है, जिससे कमर का शेप नहीं दिखेगा. विलियम्स कहती हैं, ‘अगर कोई इस यूनिफॉर्म को लेकर कोई सुझाव देता है तो हम जरूर उस पर सोचेंगे. हर कम्युनिटी के लोग हमें बता सकते हैं कि हमें महिलाओं के लिए कैसी यूनिफॉर्म रखनी चाहिए, जिसमें वह कंफर्टेबल रह सकें.’

अधिकतर हमने देखा है कि महिलाओं के लिए जो यूनिफॉर्म डिजाइन की जाती है, वह तथाकथित ‘आइडियल’ फिगर को ध्यान में रखकर की जाती है. केवल यूनिफॉर्म ही नहीं बल्कि नॉर्मल शर्ट्स, टी-शर्ट्स, टॉप या फिर कुर्तियां, ये सभी कुछ इसी फिगर के लिए डिजाइन होती हैं, लेकिन शायद इन्हें डिजाइन करने वाले ये भूल जाते हैं कि सारी औरतों का फिगर एक जैसा नहीं होता है, सभी औरतों के शरीर की बनावट एक जैसी नहीं होती, जरूरी नहीं कि हर औरत का कंधा संकरा हो और जैसे कपड़े मार्केट में मिलते हैं, उन्हें सही आएं.

लेबनान में टूरिज्म बढ़ाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को मिनी-स्कर्ट पहनाया गया था. फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट

महिलाओं के लिए डिजाइन किए गए कपड़ों में से ज्यादातर कपड़े ‘ऑवरग्लास’ शेप के होते हैं. ऑवरग्लास, मतलब रेत घड़ी की तरह, यानी महिलाओं की कमर का हिस्सा बहुत संकरा और ऊपरी और नीचला हिस्सा चौड़ा, लेकिन सच्चाई तो यह है कि सभी महिलाओं के शरीर की बनावट ऐसी नहीं होती है. ऐसे में बहुत ही औरतों को, जिसकी स्ट्रेट बॉडी होती है, उन्हें कपड़े लेने में काफी दिक्कत होती है. कुछ दिनों पहले लेबनान में भी टूरिज्म बढ़ाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को मिनी स्कर्ट पहनाया गया था. मिनी स्कर्ट पहनकर महिला पुलिसकर्मियों ने सड़कों पर पेट्रोलिंग की थी. अब तो औरतों के शरीर का इस्तेमाल टूरिज्म बढ़ाने के लिए भी होने लगा है.

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