सेहत

क्या डॉटेड कॉन्डम का इस्तेमाल औरतों को देता है ज्यादा संतुष्टि ?

टीवी पर आपने अक्सर कॉन्डम के ऐड देखे होंगें. हां, भले ही तुरंत चैनल चेंज कर दिया हो पर आपको ये तो पता होगा ही कि कॉन्डम अलग-अलग तरह के होते हैं. प्लेन. किसी फ्लेवर का. या डॉटेड. अब बात डॉटेड की करते हैं. ऐड वगेरह में अक्सर बोला जाता है कि डॉटेड कॉन्डम सेक्स ज़्यादा एन्जॉय करने में मदद करते हैं.

पर ये डॉटेड कॉन्डम आख़िर होते क्या हैं?

ये प्लेन कॉन्डम से थोड़े अलग होते हैं. इनपर उभरें हुए डॉट्स बने होते हैं. इनका एक ही मकसद होता है. सेक्स के दौरान ज़्यादा सेंसेशन पैदा करना. डॉट्स की वजह से वजाइना की अंदरूनी सतह पर रगड़ लगती है. इससे पैदा होने वाली सेंसेशन से कोई महिला सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करती हैं. ऐसा दावा है कंपनियों का.

पर क्या वाकई डॉटेड कॉन्डम असर करते हैं?

कंपनियां चाहे जो कहें. पर असलियत थोड़ी अलग है. जिन महिलाओं के पार्टनर्स ने डॉटेड कॉन्डम इस्तेमाल किया है, वो उनके बारे में ख़ासी अच्छी बातें नहीं कहती.

ये प्लेन कॉन्डम से थोड़े अलग होते हैं. फ़ोटो कर्टसी: Pixabay

एक महिला कहती हैं:

“ये महिला पर निर्भर करता है कि डॉटेड कॉन्डम उसे कितना मज़ा देता है. पर मैंने इस्तेमाल किया है. और मेरा एक्सपीरियंस बहुत अच्छा नहीं रहा. मुझे बहुत ज़्यादा दर्द हुआ और बहुत जल्दी मुझे चोट भी लग गई. क्योंकि ये स्मूथ नहीं होते, इनसें रगड़ लगती है. और वेजाइना के अंदर की खाल बहुत ज़्यादा सेंसिटिव होती है. खुरदुरेपन की वजह से ज़्यादा दर्द होता है. और वो काफ़ी समय तक रहता है. मैं सेक्स एन्जॉय भी नहीं कर पाई.”

डॉटेड कॉन्डम के बारे में डॉक्टर्स क्या कहते हैं?

सेक्स थेरापिस्ट डॉटेड कॉन्डम पर ख़ासी अच्छी राय नहीं रखते. उनके मुताबिक उन महिलाओं को डॉटेड कॉन्डम इस्तेमाल नहीं करने चाहिए जिनकी खाल सेंसिटिव होती है. ऐसे कॉन्डम के टेक्सचर की वजह से रैश होने का ख़तरा रहता है. अगर घाव हो जाता है तो इन्फेक्शन होने का ख़तरा रहता है. इसलिए सोच-समझकर ही डॉटेड कॉन्डम इस्तेमाल करिए.

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