क्राइम

कौशांबी : फादर्स डे पर पिता को मार डाला, मरने से पहले बता गए बेटों की करतूत

एक ओर फादर्स डे पर लोग पिता के साथ बिताए पल को शेयर किया, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के कौशांबी से दिल झकझोरने वाली वारदात सामने आई है। मंझनपुर कोतवाली में बेटे ने अपने पिता को सिर्फ इस वजह से मार डाला कि वह पेंशन का हिस्सा उन्हें नहीं दे रहे थे। उन्होंने मां और बहन के सामने पिता के सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए। मरने से पहले घायल हालत में पिता ने बेटों की करतूत बताई।

घटना गांधी नगर मोहल्ले की है। रविवार सुबह करीब नौ बजे अचानक यहां रहने वाले बैजनाथ से घर से चीखने चिल्लाने की आवाज आई। आसपास के लोगों ने जाकर देखा तो बैजनाथ (60) का के सिर से खून निकल रहा था। वह जमीन पर पड़े हुए थे। सिर में नुकीली लोहे की रॉड धंसी हुई थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। आरोप बुजुर्ग के बेटे-बहुओं पर लगा है। पुलिस ने बताया कि प्राइमरी जांच में पता चला है कि परिवार में पेंशन के पैसे को लेकर विवाद है।

जनवरी में हो गया था रिटायरमेंट
बैजनाथ पाल (60) रेलवे में ग्रुप डी में नौकरी करते थे। जनवरी में उनका रिटायरमेंट हो गया था। उनके तीन बेटे सुरेंद्र, वीरेंद्र, नरेंद्र और तीन बेटियां रूमा, उमा और पूजा हैं। छोटी बेटी पूजा को छोड़कर सभी की शादी हो गई है। पूजा की भी शादी तय हो गई थी। उसकी शादी दस दिन बाद होनी थी।

मरते-मरते बता गए बेटों की करतूत
अस्पताल में मरने से पहले बैजनाथ ने बेटे बहुओं की करतूत पुलिस के सामने खोल कर रख दी। बहू ललिता और मनोज देवी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, बहुओं के उकसाने पर ही पिता बैजनाथ से बेटे सुरेंद्र और वीरेंद्र ने पेंशन के रुपए की मांग की थी। मना करने पर पिता बैजनाथ को बेटे-बहुओं ने मिलकर घर के आंगन में लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।

बहन बोली- भैया और भाभी पिता से करते थे झगड़ा
छोटी बेटी पूजा की शादी बैजनाथ ने बड़े धूमधाम से करने की तैयारी की थी। 30 जून को बिटिया की बारात आनी थी, लेकिन बेटे और बहुओं को इस बात से कोई मतलब नहीं था। वह आए दिन घरेलू कलह में लगे हुए थे। बेटी पूजा ने बताया कि भैया और भाभी पिताजी से पैसे मांगा करते थे। शादी के खर्च से भी उन्हें कोई मतलब नहीं था। पिताजी को शादी को चिंता थी, इसलिए पैसे देने इसे इनकार कर रहे थे।

इंस्पेक्टर मनीष पांडेय ने बताया कि मरने से पहले बैजनाथ के बयान लिए गए थे। इसके आधार पर ललिता, मनोज देवी को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपी फरार हैं। इनकी तलाश की जा रही है।

Back to top button