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कोरोना से जंग : बिहार के जिले अपनाएंगे मोतिहारी मॉडल, सिस्टम देख दंग रह गए CM

बिहार के जिले कोविड केयर में अब मोतिहारी मॉडल अपनाएंगे। यहां की व्यवस्था और तरीकों को सीखेंगे। ये बातें खुद CM ने कही हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने वीडियो कॉल पर यहां भर्ती मरीजों से बात करने और कोविड सेंटर के एक-एक वार्ड का निरीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया। DM शीर्षत कपिल अशोक ने वीडियो कॉल पर सामुदायिक किचेन की व्यवस्था, चिकित्सा व पारा मेडिकल स्टाफ की तीन शिफ्टों में तैनाती के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा जिले में आक्सीजन की सुचारू आपूर्ति के लिए बनाई गई व्यवस्था के बारे में बताया।

सभी जिलों को दी जाएगी यहां की व्यवस्था की जानकारी
CM ने यहां दी जा रही सुविधाओं और की गई व्यवस्था को सर्वोत्तम मानते हुए राज्य के हर जिले के कोविड सेंटर को इसके बारे में जानकारी देने की बात कहीं, ताकि वहां के अधिकारी भी इसी व्यवस्था को अपनाकर अपने यहां भी बेहतर इलाज व सुविधा उपलब्ध करा सकें। जरूरत पड़ने पर इसे केंद्र के सामने भी प्रस्तुत किया जाऐगा।

इन प्रयासों ने बनाया मॉडल

  • कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान CM को DM शीर्षत कपिल अशोक ने सामुदायिक किचेन की व्यवस्था को दिखाते हुए बताया कि यहां मरीज के परिजनों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। CM ने इस दौरान वहां की साफ-सफाई व खाने की गुणवत्ता को सराहा।
  • मरीज के परिजन के लिए वेटिंग रूम : डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर के बाहर मरीज के परिजनों के लिए बनाए गए वेटिंग रूप को CM ने देखा और उसे काफी बेहतर बताया।
  • जिले में एकीकृत ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था : जब कोविड का प्रसार शुरू हुआ और काफी जगहों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें आनी शुरू हुईं, उसी समय DM शीर्षत कपिल अशोक ने हरसिद्धि प्लांट समेत जिले के सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को एकीकृत कर दिया। इसके तहत जिला प्रशासन ने जिले इंडस्ट्रियल गैस सिलेंडर को अपने नियंत्रण में ले लिया तथा प्रशासनिक अभिरक्षा में ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी, जिसके कारण जिले में सभी अस्पतालों व नर्सिंग होम को सुचारू ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी। कोविड के इलाज के लिए बने जिला डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर के अलावा मोतिहारी शहर के तीन निजी अस्पताल, रक्सौल के दो निजी अस्पताल तथा 4 अनुमंडलों में बने कोविड अस्पताल को पूरे कोविड काल में ऑक्सीजन के लिए पैनिक नहीं होना पड़ा। जिला प्रसाशन ने जिले के हर सिलेंडर का हिसाब रखना शुरू कर दिया। बिना जिला प्रशासन की अनुमति के एक सिलेंडर भी हरसिद्धि ऑक्सीजन प्लांट से किसी को नहीं मिल सकता है। इसके लिए एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति हरसिद्धि प्लांट पर कई गई है।

एक हजार बेड का चल सकता है कोविड अस्पताल
DM शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि एक जिले की सीमित क्षमता होती है। यहां जितना ऑक्सीजन सिलेंडर है, हम उनका बेहतर उपयोग कर रहे हैं। एक ऑक्सीजन लगे मरीज पर 4 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है, जिसकी वजह से हमारी क्षमता सीमित हो जाती है। अगर ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त हो तो हमारे जिले का कोविड केयर सेंटर एक हजार मरीज का इलाज कर सकता है।

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