उत्तर प्रदेश

कोरोना संकट में नहीं तो कब आओगे हुजूर : मदद को क्षेत्र में न दिखे सांसद न विधायक

, कुछ के लगे गायब होने के पोस्टर

लखनऊ। वोटर अपना रहनुमा चुनते हैं और उम्मीद यह रखकर कि उनके भले बुरे वक्त में उनके साथ नजर आयेगा। जब मुश्किल में गायब हो जाये तो मन:स्थिति का अंदाजा लगाना कठिन नहीं होगा। कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को परेशान कर दिया। सब किनारा करते दिखे। प्रोटोकॉल का ही बहाना सही, करीब आये नहीं। परिवार के लोग तो थे, हैं और आगे भी होंगे। लेकिन उनके क्षेत्र के सांसद विधायक मंत्री नजर नहीं आये, कुछ इलाकों की बात अलग है, शायद उन्हें मताधिकार का पावर संज्ञान में होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल ही सही बनारस से जुड़े रहे और बात करते रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों के साथ रहे और अनवरत जुटे हैं लेकिन कई कारिंदे दर्शन देने में भी परहेज कर गए। कोरोना वायरस की सेकंड स्ट्रेन में लोग मेडिकल ऑक्सीजन, कोविड बेड तथा दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। इसके बाद भी अपने सांसद तथा विधायकों का सहयोग नहीं मिला। कोरोना के सेकंड वेब में जब लोग कई जगह पर मेडिकल ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, तब लोकप्रिय सांसद तथा विधायक गायब थे। उत्तर प्रदेश देश को सर्वाधिक 80 देने वाला प्रदेश है, देश की पीएम भी उत्तर प्रदेश ही तय करता है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण काल में 80 में से सिर्फ 18 सांसद वास्तव मे एक्टिव रहे। पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से वाराणसी के लोगों से जुड़े रहे तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद मोर्चा संभाल लिया।

बलिया में तो सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के लापता होने के पोस्टर चिपक गए लेकिन मस्त तो मस्त हैं। बलिया में झांकने तक नहीं पहुंचे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण का कहर अब कम होता जा रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि बेहद सुरक्षा कवर में हैं। धरती पुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव मैनपुरी दो वर्ष से, उनके पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आजमगढ़ का हालचाल लेने की फुर्सत नहीं है। सोनिया गांधी कांग्रेस की परंपरागत सीट रायबरेली से सांसद हैं। वह भी 16 महीने पहले रायबरेली आई थीं। इनमें सत्ता पक्ष के अधिक और विपक्ष के भी सांसद हैं। जिन सांसदों का घर उनके क्षेत्र में है, वो भी इस दौरान काफी कम निकले। कुछ सांसदों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अच्छा काम भी किया। कोरोना वायरस की सेकंड स्ट्रेन की चपेट में आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में होम आइसोलेशन में थे। रिपोर्ट निगेटिव आते ही सीएम योगी आदित्यनाथ फिर से बेहद एक्टिव हो गए। मई में अब तक सभी मंडलों का दौरा करने के साथ ही उन्होंने नौ जिलों में जाकर समीक्षा भी की है।

लखनऊ में कोविड अस्पताल के साथ कोविड कंट्रोल रूम का अक्सर ही दौरा करने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने महामारी पर आंशिक अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की है। कानून मंत्री ब्रजेश पाठक सक्रिय हैं लेकिन राज्यमंत्री स्वाति सिंह के क्षेत्र से गायब होने के पोस्टर लगे हैं। ब्रजेश पाठक ने क्षेत्र के लोगों के लिए विधायक निधि की डेढ़ करोड़ की धनराशि से टेस्टिंग किट तथा अन्य उपयोगी सामान मंगवाया है। वह होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को दवा के पैकेट भेजने के साथ इन दिनों कम्युनिटी किचन चलवा रहे हैं। लखनऊ के मोहनलालगंज से भाजपा के सांसद कौशल किशोर बेहद सक्रिय हैं।

Back to top button