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कोरोना : महामारी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, ज्योतिष गणनाओं में ये नई बात सामने आई

कोरोना महामारी के संक्रमण से जूझते विश्व में अब हर कोई इसका पूर्ण निदान चाहता है, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ये कोरोना थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिसके चलते भारत सहित कई देशों में एक बार फिर लॉकडाउन जैसे हालात बनते दिख रहे हैंं। ऐसे में कोरोना को लेकर ज्योतिष के जानकारों ने एक बार फिर ज्योतिषीय गणना की है, जिसमें एक नई अचंभे वाली बात सामने आई है।

दरअसल अब पुन: गणना में ये बात सामने आ रही है कि वर्तमान में RAHU की स्थिति दिखा रही है कि कोरोना लगातार अपना रूप बदल रहा है। जिसके चलते भले ही ये नवंबर 2021 के बाद काफी हद तक हल्का पड़ जाए। लेकिन करीब 10 वर्षों तक ये अपने नए नए रूप दिखता रह सकता है। ऐसे में हमें 2030 तक लगातार संभल कर रहना होगा।

पंडित एसके शुक्ला के अनुसार ग्रहों में जहां Rahu – Ketu संक्रमण के कारक माने जाते हैं, वहीं गुरु जीवन के कारक हैं। ऐसे में राहु या केतु का गुरु से मिलन या दृष्टि संक्रमण उपजाता है। यूं तो राहु से होने वाले संक्रमण का इलाज आसानी से मिल जाता है, लेकिन केतु रहस्यमयी होेने के कारण इसके द्वारा उपजी बीमारी का इलाज आसानी से नहीं मिलता, क्योंकि jupiter के साथ आने पर केतु रहस्यमयी संक्रमण को उत्पन्न करता है।

वहीं ज्योतिष के जानकार डीके शास्त्री के अनुसार वर्तमान में देश में Corona की दूसरी लहर जारी है, जो काफी खतरनाक है, ऐसे में ज्योतिष ग्रहों के आंकलन से ये समझ आता है कि मई के बाद करीब 1 जून से ये लहर तेजी से कम हो सकती है। लेकिन इस दौरान जीवन सामान्य स्तर तक पहुंचता नहीं दिख रहा है। जबकि जुलाई 2021 के बाद स्थिति काफी हद तक ठीक हो सकती है। ऐसे में कुछ जगहों पर लॉकडाउन प्रदेश स्तर तक ही रहने की संभावना है।

जहां तक पढ़ाई के संबंध में बात की जाए तो इस साल भी स्कूल खुलते नहीं दिख रहे हैं, लेकिन ये साल पढ़ाई के लिए अच्छा रहेगा। वहीं नौकरी व Economy 2022 तक ही हल्का सुधार लेती दिख रहीं हैं। वर्तमान में चल रहा मई 2021 अत्यधिक सावधानी वाला रहेगा। हां, नवंबर 2021 से स्थितियों में बदलाव आता दिख रहा है, जिसके बाद वर्तमान के मुकाबले काफी अच्छी तरह से स्थितियों में सुधार होगा।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार राहु-केतु के वृश्चिक में आने पर इस बीमारी को लेकर वैज्ञाानिकों को कुछ खास सफलता मिलती दिख रही है, इस समय वे कि कोई नया अविष्कार भी कर सकते हैं। वहीं Navsamvatsar 2078 का राजा व मंत्री दोनों मंगल (MARS) होने के कारण अमंगल जैसे बड़ी स्थितियां भी टल सकती हैं।

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