उत्तर प्रदेश

कोरोना की लहर तेज: योगी सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन का किया ऐलान, बिना मास्क पकड़े गए तो…

उत्तर प्रदेश में बेकाबू हुए कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए योगी सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। अब रविवार को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूर्णतया बंदी रहेगी। इस पर बड़े स्तर पर सैनिटाइजेशन अभियान चलेगा। वहीं लापरवाह लोगों को शिकंजा कसने के लिए सरकार ने जुर्माने की राशि भी तय की है। अब पहली बार बिना मास्क पकड़े जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगेगा। दोबारा पकड़े जाने पर 10 गुना अधिक जुर्माना वसूला जाएगा।

वहीं, राजधानी लखनऊ में DRDO (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) लखनऊ में 1000 बेड क्षमता वाला अस्पताल तैयार करेगी। यह अस्पताल डिफेंस एक्सपो लगने वाले स्थान सेक्टर 15 वृंदावन टाउनशिप में बनाए जा सकता है। इसके लिए DRDO की एक टीम विशेष विमान से आज लखनऊ पहुंच रही है। बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई है।

अब 15 मई तक नहीं लगेगा मुख्यमंत्री आरोग्य मेला

कोरोना संक्रमित और नवरात्रि का उपवास रखने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना से बचाव व इलाज संबंधी उपायों को तलाशने में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को उन्हें कोरोना आपदा में राहत-बचाव करने वाली टीम इलेवन के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के आयोजन पर 15 मई तक के लिए रोक लगा दी गई है।

टीम-11 की बैठक में CM योगी ने दिए ये निर्देश

  • सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सीएमओ और टीम-11 के सदस्य समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें।
  • लखनऊ में 1000 बेड का नया कोविड अस्पताल स्थापित हो। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाए।
  • कोविड टेस्ट के लिए सरकारी और निजी लैब पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। कोविड टेस्टिंग के लिए शासन स्तर पर दरें भी तय की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन क्वालिटी कंट्रोल के साथ इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाना सुनिश्चित करें।
  • प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं ठप रहेंगी। टेलीकन्सल्टेशन को बढ़ावा दिया जाए। सरकारी अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही संचालित हों। मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का आयोजन 15 मई तक के लिए स्थगित रखा जाए।
  • इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्रतिदिन DM, पुलिस कप्तान और CMO नियत समय पर बैठक करें। स्थानीय स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करें। अस्पताल में इलाजरत तथा होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की जरूरतों और समस्याओं का पूरा ध्यान रखें। CM हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से मरीजों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। हर दिन की स्थिति से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए।
  • प्रदेश के सभी जिलों में, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य अभियान के रूप में संचालित किया जाए।
  • सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की अनवरत आपूर्ति बनी रहे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति के संबंध में स्थापित कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे।
  • खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग रेमिडीसीवीर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। मुख्य सचिव कार्यालय से इसकी मॉनिटरिंग की जाए। आगामी एक माह की स्थिति का आंकलन करते हुए अतिरिक्त रेमिडीसीवीर क्रय किया जाए।
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