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कोरोना की दूसरी लहर : कहां-कहां बढ़ रही महामारी, क्या है आपके राज्य का हाल?


भारत के अधिकतर राज्यों में कोविड-19 महामारी काबू में आती दिख रही है, मगर राजधानी समेत कुछ जगहों के आंकड़े टेंशन बढ़ा रहे हैं। हर 14 दिन पर कोविड के पॉजिटिविटी रेट्स का डेटा देखें तो पता चलता है कि इन जगहों पर महामारी खत्‍म होने से कोसों दूर है। 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच सबसे ज्‍यादा पॉजिटिविटी वाले राज्‍यों में हिमाचल प्रदेश, दिल्‍ली, राजस्‍थान, हरियाणा, केरल और गांवा शामिल रहे। यहां का पॉजिटिविटी रेट 10% से 15.3% के बीच रहा। इन राज्‍यों में पॉजिटिविटी रेट बढ़ने का मतलब है कि ज्‍यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं मगर टेस्‍ट कम हो रहे हैं। केरल, गोवा और पश्चिम बंगाल अपवाद हैं जहां पिछले महीने के मुकाबले बीमारी का असर थोड़ा कम हुआ है लेकिन वे अब भी डेंजर जोन में बने हुए हैं।

कहीं से गुड न्‍यूज, तो कहीं के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता

ऊपर की लिस्‍ट में आप पिछले एक महीने के भीतर पॉजिटिविटी रेट्स में आया बदलाव देख सकते हैं। महाराष्‍ट्र में पॉजिटिविटी रेट 8% तक आ गया है जो महीनों तक 18% के आसपास रहा था। पश्चिम बंगाल और छत्‍तीसगढ़ में कन्‍फर्म मामले कम हो रहे हैं मगर पॉजिटिविटी रेट 7-8% के बीच बना हुआ है। पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में स्थिति बेहतर हुई है और पॉजिटिविटी रेट 3% से नीचे आ गया है। गुजरात 2% से कम पॉजिटिविटी रेट वाले राज्‍यों में है लेकिन वहां पिछले कुछ दिनों में केसेज बढ़े हैं।

पॉजिटिविटी रेट से क्‍या पता चलता है?

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की एडवायजरी के अनुसार, 14 दिन के पीरियड में 5% से ज्‍यादा का पॉजिटिविटी रेट किसी राज्‍य को डेंजर जोन में डाल देता है। ज्‍यादा पॉजिटिविटी रेट होने का मतलब यह भी है कि राज्‍य केवल सबसे बीमार लोगों को टेस्‍ट कर रहा है और लक्षणों के हिसाब से पर्याप्‍त स्‍क्रीनिंग नहीं हो रही। नतीजा ये होता है कि गंभीर मामले और मौतें बढ़ने लगती हैं। महामारी को काबू करने के लिए टेस्टिंग और ट्रैकिंग सबसे अहम है।

दिल्ली में फिर 100 से ज्‍यादा की मौत

दिल्‍ली में कोरोना की तीसरी लहर ने कहर बरपा रखा है। यहां डेली मौतों की संख्‍या में इजाफा हो रहा है। पॉजिटिविटी रेट के मामले में भी दिल्‍ली देश में दूसरे नंबर पर है। यहां 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच पॉजिटिविटी रेट 12.8% रहा है। दिल्ली में रविवार को कोरोना के 6746 नए मामले आए। इस दौरान 121 लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। यहां एक बार फिर से एक दिन में 100 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। बीते एक दिन में 54,893 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 23,433 आरटीपीसीआर टेस्ट और 31,460 एंटीजन टेस्ट हैं। संक्रमण दर 12.29 फीसदी रही है।

दिल्ली के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, बीते एक दिन मे 6,154 मरीज ठीक हुए हैं। अभी तक कोरोना के 5,29,863 मामले आए हैं, जिनमें से 4,81,260 यानी 90.82 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं। कोरोना के कारण 8,391 मरीजों की जान जा चुकी है। दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या 7.58 फीसदी (40,212 ) है। होम आइसोलेशन में 23,301 मरीज इलाज करवा रहे हैं। मृत्यु दर 1.58 फीसदी है।

बिहार और असम में इतना कम पॉजिटिविटी रेट क्‍यों?

मध्‍य प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट 2.7% से बढ़कर 4.3% हो गया है। झारखंड और उत्‍तर प्रदेश का भी पॉजिटिविटी रेट बढ़ रहा है लेकिन फिलहाल मैनेज करने वाली लिमिट में है। बिहार और असम में पॉजिटिविटी रेट 1% से भी कम है जो वहां टेस्टिंग की एक्‍युरेसी पर सवाल खड़ा करता है। दोनों ही राज्‍यों में अच्‍छी-खासी आबादी है और बड़ी संख्‍या में लोगों ही दूसरे राज्‍यों में आवाजाही होती है।

एक महीने पहले तक क्‍या थी सूरत?

एक महीने पहले तक यानी 5 से 18 अक्‍टूबर के बीच, सबसे ज्‍यादा पॉजिटिविटी रेट वाले राज्‍यों में महाराष्‍ट्र (15%), केरल (14%), छत्‍तीसगढ़ (10%), राजस्‍थान (10%), कर्नाटक और पश्चिम बंगाल (9-9%) शामिल थे। आंध्र प्रदेश, दिल्‍ली, मध्‍य प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में तब पॉजिटिविटी रेट 5% से ज्‍यादा था।

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