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कोरोना का गणित: राजस्थान में एक सप्ताह में 2 फीसदी कम हुई सैंपलिंग, इसलिए संक्रमण की दर भी इतनी घटी

जयपुर. राजस्थान में कोरोना का संक्रमण घट रहा है। लगातार पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में नए मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। विशेषज्ञ इसके पीछे सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन का असर मान रहे हैं। पिछले 10 दिन से प्रदेश में सख्त लॉकडाउन की वजह से लोगों की आवाजाही बंद हो गई और कोरोना संक्रमण कंट्रोल में आने लगा है। इसके पीछे एक कारण सैंपलिंग कम होना भी माना जा सकता है। पिछले 7 दिन में राज्य में कोरोना की संक्रमण दर 23 से घटकर 20 फीसदी पर आ गई। वहीं, जांच में भी 2 फीसदी की कमी हुई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट को देखें तो राज्य में 6 से 12 मई तक कुल 5,24,856 सैंपल की जांच हुई, जिसमें से 1,20,622 सैंपल पॉजिटिव निकले। जबकि अगले सप्ताह 13 से 19 मई की रिपोर्ट देखें तो प्रदेश में कुल 4,29,002 लोगों की जांच हुई। इसमें से 83,855 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। देखा जाए तो एक सप्ताह के अंदर राज्य में 95,854 सैंपल की जांच कम हुई है।

रिकवरी रेट में जबरदस्त इजाफा

राजस्थान में कोरोना संक्रमण घटने के साथ रिकवरी रेट में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। बीते 14 दिन के अंदर प्रदेश में 2 लाख 29 हजार 792 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं। इस कारण प्रदेश में रिकवरी रेट जो 14 दिन पहले 71 फीसदी थी, वह अब बढ़कर 82 फीसदी के नजदीक पहुंच गई। जिलेवार स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा रिकवरी 92 फीसदी बांसवाड़ा में है, जबकि सबसे कम रिकवरी अभी जैसलमेर में 60 फीसदी है।

3 जिलों में एक हजार से कम हुए एक्टिव केस

राज्य में रिकवरी बढ़ने के साथ-साथ एक्टिव केसों की संख्या में भी लगातार कमी आ रही है। बीते कुछ दिनों से लगातार रिकवरी रेट कम होने के कारण 33 में से 3 जिले ऐसे हो गए, जहां एक्टिव केसों की संख्या 1000 से भी कम हो गई। सबसे कम बांसवाड़ा में 706, फिर जालौर में 806 और उसके बाद प्रतापगढ़ में 855 एक्टिव केस हैं। सबसे ज्यादा 32,232 एक्टिव मरीज जयपुर में हैं, जो प्रदेश के कुल एक्टिव केसों का 21 फीसदी है।

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