उत्तर प्रदेश

काशी में तीसरी लहर की तैयारी: बच्चों के संक्रमित होने पर घर में दी जाएगी दवा, पूरा इंतजाम किए योगी

कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। इस क्रम में वाराणसी में अब 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यदि कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण प्रतीत होंगे तो उन्हें उनके घर पर ही दवा दी जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वाराणसी के लिए 12285 मेडिसिन किट भिजवाई है।

निगरानी समतियां पहुंचाएंगी दवा

इन मेडिसिन किट का वितरण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गठित निगरानी समितियों द्वारा बच्चों के घर जाकर किया जाएगा। गौरतलब है कि वाराणसी में बीते एक जून से बुखार, जुकाम, निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और डायरिया जैसी बीमारियों से पीड़ित होकर अस्पताल आने वाले बच्चों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। अब तक 12187 बच्चों की जांच में 23 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बच्चों को दें दवा

सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने गुरुवार की शाम बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा भिजवाई गई मेडिसिन किट में जन्म से 12 माह के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल की ड्रॉप, मल्टीविटामिन ड्रॉप और ओआरएस पैकेट है। 1 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल सीरप, मल्टीविटामिन सीरप और ओआरएस पैकेट है। 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल टेबलेट, मल्टीविटामिन टेबलेट, ओआरएस पैकेट के साथ आईवर्मेक्टिन है। यह दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बच्चों को दें। बच्चों को दवा देने के मामले में अभिभावक कभी भी खुद विशेषज्ञ न बनें।

आगे भी सरकार की ओर से आती रहेगी मेडिसिन किट

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आठ ब्लॉकों में 694 निगरानी समिति गठित की गई है। नगर निगम क्षेत्र और रामनगर व गंगापुर नगर पालिका क्षेत्र में 125 निगरानी समिति के द्वारा दवा किट का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से जिले को भेजी गई 12285 मेडिसिन किट की पहली खेप मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आगे भी इस तरह की मेडिसिन किट वाराणसी को सरकार की ओर से लगातार भेजी जाती रहेगी।

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