क्राइम

‘कांट्रैक्ट मैरिज’ का ‘खेल’: विदेश ले जाने का झांसा दे शादी करती लड़कियां, वहां जाकर बदल लेती नंबर-पता

जालंधर : विदेश जाने की चाह में पंजाब में ‘कांट्रैक्ट मैरिज’ का ‘खेल’ चल रहा है। जिसमें लड़कियां पहले विदेश बुलाने का झांसा देकर शादी करती हैं और फिर ससुराल के खर्च पर विदेश जाने के बाद लड़के को बुलाने से इन्कार कर देती हैं। जब बार-बार पूछा जाता है तो अपना नाम व पता तक बदल देती हैं। हैरत की बात यह है कि विदेश के चक्कर में साधारण परिवार ही नहीं बल्कि पुलिस वाले तक ठगे जा रहे हैं।

यह बात अलग है कि जब ऐसी लड़कियों व उनके परिवार वालों पर केस दर्ज होता है तो कानूनी लिहाज से ऐसी शादियां लीगल ही करार दी जाती हैं। हाल ही में जालंधर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लड़के वाले अब केस दर्ज करवाकर विदेश में रह रही लड़की पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कई इनमें ऐसे भी हैं, जिन्हें उम्मीद नहीं होती कि शादी के बाद उनके लड़के को विदेश ले जाने के नाम पर असल में उनके साथ धोखा किया जा रहा है।

यह देखिए उदाहरण…. FIR में कांट्रैक्ट मैरिज नहीं लेकिन मामला वैसा ही

  • नवांशहर के एक परिवार ने बेटी हरवीन को विदेश भेजने के लिए करतारपुर के बलजिंदरजीत सिंह के बेटे नवजोत सिंह से करवाई। शर्त यह थी कि हरवीन कनाडा जाने के बाद पति को भी बुला लेगी और उसका खर्च पति का परिवार उठाएगा। लड़के के परिवार ने बैंक लिमिट से कर्जा उठा 22.10 लाख खर्च कर दिए लेकिन लड़की कनाडा जाकर मुकर गई।
  • थाना मकसूदां का SI रघुुवीर सिंह बेटे गुरविंदर सिंह को विदेश भेजना चाहता था। भोगपुर के नंगल अराइया के रविंदर की बेटी परनीत से रिश्ता तय हुआ, लेकिन शर्त यह थी कि उसका विदेश जाने का खर्च SI का परिवार करेगा और वहां जाकर वो गुरविंदर को बुला लेगी। हुआ ये कि SI ने 23 लाख खर्च कर डाले लेकिन लड़की ने पहले फोन करना बंद किया और बाद में बोली कि उसे तो SI के बेटे से तलाक चाहिए।
  • करतारपुर के रिशी नगर की चारू की अर्जुन नगर लाडोवाली रोड के विशाल सहोता से इस शर्त पर शादी हुई कि कनाडा जाने के बाद वो पति को भी बुला लेगी। स्टडी खर्च के नाम पर 7 लाख रुपए लिए आैर शादी व कनाडा जाने का खर्चा भी लड़के वालों से करवाया। यही नहीं, इंडोनेशिया में हनीमून तक ससुराल वालों के खर्चे पर मनाया लेकिन कनाडा जाकर मुकर गई। पति को बोली कि उसके साथ पति-पत्नी वाला रिश्ता नहीं और खुद को वहां कुंवारी बताया।
  • गांव काहना ढेसियां कमलजीत कौर नेे संत नगर के रहने वाले जालंधर पुलिस के ASI सुरजीत सिंह के बेटे गुरप्रीत से इस शर्त पर शादी की कि विदेश जाने के 3 महीने बाद पति को वहां बुला लेगी। ASI ने बैंक लोन से लेकर जमा-पूंजी व GPF फंड से करीब 23 लाख खर्च कर दिए। लड़की जब कनाडा पहुंच गई तो उसने ASI के बेटे को विदेश बुलाने और पैसे लौटाने से तक इन्कार कर दिया।

ऐसा इसलिए … क्योंकि डिपेडेंट वीजा पर विदेश पहुंचना आसान

कांट्रेक्ट मैरिज का खेल इसलिए होता है क्योंकि लड़कों के लिए लड़कियों के सहारे डिपेंडेंट वीजा पर पहुंचना आसान होता है। जो लड़के पढ़ने में कमजोर होते हैं या कम क्लासेज के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं, वो सीधे विदेश नहीं जा पाते, उन्हें वीजा नहीं मिलता। इसके लिए वो शार्ट कट ढूंढते हुए पढ़ी-लिखी लड़कियों से शादी करते हैं। खासकर, वो लड़कियां जिनके IELTS में अच्छे बैंड होते हैं। पहले लड़कियां स्टडी वीजा पर विदेश जाती हैं, फिर उन्हें सुविधा मिलती है कि वो डिपेंडेंट यानि देखभाल के लिए किसी को बुला सकती हैं। इसमें पति को बुलाना ज्यादा आसान रहता है। इसी लालच में लड़के के परिवार वाले फंस जाते हैं। लड़कियां विदेश पहुंचने के बाद मुकर जाती हैं।

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