जरा हट के

करोड़पति बना देती है ये छिपकली, इसलिए बिकती है इतनी महंगी

ऐसे कई जानवर है जो इन्सान का जीवन बचाने में काम आते है क्युकी इनसे काफी असरदार दवाई बनती है . जिसके कारण इन् जानवरों की कीमत करोड़ो में होती है . एक जानवर की कीमत को करोड़ो में सुनना यह कोई आम बात नहीं है लेकिन क्या आपको पता है की एक छिपकली भी ऐसी है जिसकी कीमत ही करीब 1 करोड़ से जायदा है .

हाल ही में सशत्र सीमा बल (एसएसबी) की 17वीं बटालियन ने एक तस्करों को एक विशेष प्रकार की छिपकली के साथ गिरफ्तार किया है. जवानों ने इस तस्कर को पश्चिम बंगाल में पकड़ा और इनके पास से 5 टोके गेको (छिपकली की एक खास प्रजाति) को बरामद किया है. जानकारी के अनुसार इस छिपकली का इस्तेमाल मर्दानगी को बढ़ाने वाली दवाओं में किया जाता है. इसके अलावा गीको छिपकली के मीट से डायबिटीज, नपुंसकता, एड्स और कैंसर की भी दवाएं बनाई जाती हैं.

 

टोके गीको एक दुर्लभ और लुप्तप्राय छिपकली की प्रजाति है. अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इसकी इंटरनेशनल मार्केट में बहुत मांग है. इसकी उत्तर-पूर्वी भारतीय राज्यों से दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में अवैध तस्करी की जाती है. यहां के लोग मानते हैं कि गेको के मांस से कई दवाईयां बनाई जाती हैं और ये कई बीमारियों में काम आती हैं.इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत, फिलीपींस तथा नेपाल में पाई जाने वाली गेको की कीमत एक करोड़ रुपए तक बताई जाती है. एसएसबी सुरक्षा बल भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर तैनात है.

 

एसएसबी कई वन्यजीव अभयारण्य की सुरक्षा भी करती है. जानकारी के अनुसार इन वन क्षेत्रों में केवल 120 बाहरी सीमा चौकी स्थित हैं. इसीलिए तस्कर और शिकारियों से वन्य जीवों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी बन जाती है.गिरफ्तार तस्कर और जब्त टोके गीको को दक्षिण रैधक के वन रेंज अधिकारियों को को सौंप दिया गया. आपको बता दें कि इस साल एसएसबी ने 65 मामलों में 75 तस्करों को गिरफ्तार किया है.

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