खेल

कपिल पा जी का जन्मदिन: जब लगातार 4 छक्के उड़ाकर बचाए थे फॉलोऑन

भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव का आज 60वां जन्मदिन है। कपिल देव का पूरा नाम कपिलदेव रामलाल निखंज है। कपिल टेस्ट क्रिकेट में इकलौते खिलाड़ी हैं जिनके नाम 400 से ज्यादा टेस्ट विकेट और 4000 से ज्यादा रनों का डबल है। कपिलदेव पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने देश को पहला विश्वकप का खिताब दिलाया। उन्होंने साल 1983 में लार्ड्स के मैदान पर यह करिश्मा दिखाया था। क्रिकेट की दुनिया में इस महान खिलाड़ी के यूं तो कई किस्से हैं, लेकिन आज उनके जन्मदिन पर हम बताने जा रहे हैं कुछ चुनिंदा किस्से जो गर्व कराते हैं।

क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी बने
कपिलदेव को तेज-तर्रार गेंदबाज के रूप में जाना जाता है। भारत की स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर भी तेज गेंदबाजी की जा सकती है, यह बताने वाले भी कपिल ही हैं। पूर्व कप्तान सुनील गावसकर यह बात कई बार कह चुके हैं कि भारत में तेज गेंदबाजी शुरुआत करने का श्रेय कपिल को जाना चाहिए। एकदिवसीय क्रिकेट में कपिल के नाम 253 विकेट हैं। उन्होंने एक दिवसीय क्रिकेट में 225 मैचों में 3783 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 95.07 का रहा। वहीं वर्ष 2002 में वह सुनील गावसकर और सचिन तेंडुलकर को पीछे छोड़ भारत की क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी बने थे।

आक्रामक बल्लेबाजी
साल 1983 के विश्वकप में 20वें मैच में भारत का मुकाबला जिम्बॉब्वे से था। इस मैच में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 गेंदों पर 175 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनके इस शानदार शतक की बदौलत भारत ने इस विश्वकप में सेमीफाइनल का टिकट तय किया था। जबकि भारतीय टीम ने गावस्कर, श्रीकांत, अमरनाथ और यशपाल शर्मा जैसे दिग्गजों समेत 5 विकेट महज 17 रनों पर ही गवां दिए थे। ऐसे में कपिलदेव ने पारी संभालते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाई थी।

फॉलोऑन से बचाया
साल 1990 में टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर थी, इस दौरान मेजबान टीम ने 653 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में भारतीय टीम के 9 विकेट महज 430 रनों पर ही गिर गए। ऐसे में जब उम्मीदें खत्म होने को थीं, तो कपिलदेव नई उम्मीद बने और सभी की उम्मीदों को पूरा भी किया। उस दौरान कपिलदेव के सामने इंग्लिश गेंदबाज एडी हेमिंग्स थे और टीम इंडिया को फॉलोऑन बचाने के लिए 24 रनों की जरूरत थी। इस बीच कपिल देव ने इस ओवर में लगातार 4 छक्के लगाकर अपनी टीम को फॉलोऑन से बचाया।

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