जरा हट के

कंकाल के साथ चर्च की नन का ब्रेक डांस, आखिर क्या है ये माजरा?

ऊपर लगी इस तस्वीर को आप देख रहे हैं, कैसे इंसानी कंकालो को अपनी बाहों में लेकर उसे हवा में घुमा रही है उसके नज़दीक एक कुत्ते का कंकाल भी है जिससे वो खेल रही है। आखिर ये माजरा क्या है? क्यों इतना खौफनाक काम ये नन बड़े आराम से खुलेआम कर रही है? क्या ये तंत्र मंत्र की विद्या है या फिर ये है कोई दीवानापन?

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नन की हैरान कर देने वाली तस्वीर वायरल हो रही है। जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। जिस कब्रगाह (Graveyard) में ये नन मुर्दों के कंकाल के साथ खेल रही है उसके बगल से गुजर रहे लोग नन की इस हरकत से डर रहे हैं, घबरा रहे हैं उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है। सोचिए कितना खौफनाक होगा वो मंज़र जब आप रास्ते से गुज़र रहे हों और किसी शख्स को लाशों के बीच कंकालों के साथ खेलते हुए देख लें।

क्या है पूरा मामला?

दिन के उजाले में ऐसा हुआ इंग्लैंड (ENGLAND) के हल सिली (Hull City) में, यहां लोगों अपने अपने काम से कब्रगाह के रास्ते से गुजर रहे थे कि तभी उन्होंने एक नन को कंकालों के साथ बेफिक्री से खेलते और नाचते हुए देखा। इस हैरान करने वाली तस्वीर को एक राहगीर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। तस्वीर में महिला के हाथ में इंसान और कुत्ते के कंकाल को साफ देखा जा सकता है। दिलचस्प बात ये है कि इस नज़ारे को किसी एक शख्स ने नहीं, बल्कि वहां से गुजरने वाले तमाम लोगों ने देखा।

कौन है नन की ड्रेस में दिख रही ये महिला?

हल जनरल सेमेट्री (Hull General Cemetery) के पास इस नज़ारे को देखने के लिए लोगों ने अपनी गाड़ियां भी धीमी कर दी और वे हैरान होकर महिला को कंकालों से खेलते देखते रहे। या तो ये महिला नन है या फिर इसने नन की तरह क्रीम कलर की ड्रेस और सर पर स्कार्फ लगा रखा है, वो कंकालों के साथ काफी खुश दिखाई दे रही थी। इंसान के कंकाल के साथ वो नाच रही थी, फिर कुत्ते के कंकाल के साथ खेलने लगी। जो भी इस नज़ारे को देख चुका है, उसने बताया कि वाकई ये बेहद अजीब घटना थी। घटना का वीडियो बनाने वाले तमाम लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, हालांकि कोई भी कुछ सही-सही नहीं बता पा रहा है।

सालों से बंद पड़ी है ये श्मशान

इस घटना को देखने वाले कुछ लोगों का कहना है कि नाचती हुई ये नन किसी स्टंट या आर्ट प्रोजेक्ट का हिस्सा हो सकती है, इसके पीछे अलग वजह तो नहीं पता चली, लेकिन दिन के उजाले में श्मशान में ऐसी घटना लोगों के लिए चर्चा का विषय ज़रूर बन गई। जिस कब्रगाह में ये घटना देखी गई, उसे करीब 50 साल से इस्तेमाल में नहीं लिया गया है। हालांकि अब भी ये शहर की ऐतिहासिक जगहों के तौर पर मौजूद है, 1847 में बनाए गए इस कब्रगाह को 1972 में बंद कर दिया गया था। यहां ज्यादातर सन 1800 के दौरान कॉलरा महामारी से मरने वाले लोगों की लाशें दफ़्न की गई थीं।

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