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ओलंपिक के किस्से: जब ट्रैक पर आगे-आगे दौड़े धावक, पीछे-पीछे खूंखार कुत्ते!

ओलंपिक। खेलों के इस महाकुंभ में कई कीर्तिमान बनते हैं। खिलाड़ी यहां अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। पोडियम पर खड़ा होना हर खिलाड़ी का सपना होता है। ओलिंपियन कहलाना भी किसी सम्मान से कम नहीं। और इन्हीं ओलिंपिक खेलों में होते हैं कई रोचक किस्से। ऐसे में एक नजर डालते हैं 1904 में अमेरिका के सेंट लुई में हुए ओलिंपिक खेलों पर। इन खेलों में कई रोचक किस्से हुए-

1904, सेंट लुई, अमेरिका

* 1904 ओलिंपिक खेल पहली बार यूरोप से बाहर आयोजित किए गए।

* इन्हीं खेलों में तीन पदक देने का प्रारूप शुरू हुआ जो अब तक जारी है। पहली बार स्वर्ण पदक दिए गए।

* मुक्केबाजी, डंबल, फ्रीस्टाइल कुश्ती और डेकॉथलन खेलों ने पदार्पण किया।

* अमेरिकी जिमनास्ट जॉर्ज इजर ने कृत्रिम पैर लगाकर इन खेलों में हिस्सा लिया था और तीन स्वर्ण सहित छह पदक अपने नाम किए। जब वह युवा थे तो एक ट्रेन हादसे में उन्होंने अपना बायां पैर गंवा दिया था।

* 1904 में सेंट लुईस तक पहुंचने की समस्या और रूस-जापान युद्ध के कारण यूरोपीय तनाव की वजह से कुल 630 खिलाड़ियों में से 523 अमेरिका के ही थे। आधी से ज्यादा स्पर्धाओं में पूरी तरह से घरेलू प्रतिस्पर्धियों ने ही हिस्सा लिया।

* अमेरिका ने 239 पदक हासिल किए जो एक ओलिंपिक में किसी देश के सबसे ज्यादा पदक हैं।

* तैराकी की स्पर्धायें मैदान पर बनाई गई कृत्रिम झील में आयोजित की गईं।

* मैराथन धूलभरी सड़क पर हुई थी और तेज गर्मी में इस पर धावकों के दौड़ने से धूल उड़ रही थी और वहां पानी का केवल एक ही स्टेशन था।

दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार इन खेलों में हिस्सा लिया था। उनके आठ खिलाड़ियों में से दो धावक लेन टाऊ और जान माशियानी थे। रेस के बीच में ही लेन के पीछे कुत्ते पड़ गये थे जिन्होंने एक मील तक उनका पीछा किया था।

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