उत्तर प्रदेश

एसडीएम की जांच में गांव में नहीं मिली निगरानी समिति, कार्यवाही के आदेश

ऊंचाहार रायबरेली । सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम बनाकर घर घर जाकर लोगों के स्वाथ्य परीक्षण के लिए निगरानी समिति का चयन कर रखा है। सोमवार को एसडीएम द्वारा गांव में जांच के दौरान सभी नदारद रहे।वहीं मामले में सीएचसी अधीक्षक को कार्यवाही के आदेश दिए हैं।

दरअसल गांवो में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आशा बहू, आंगनबाड़ी, व सहायिका की टीम बनाकर घर घर जाकर सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी से पीड़ित मरीजों की जांच कर उनमें दवाओं का वितरण करने के बाद इसकी आख्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को देनी होती है। जिनके कार्य की समीक्षा के साथ साथ लोगों में दवाओं का वितरण करने का जिम्मा एएनएम को सौंपा गया है। जिला अधिकारी ने प्रशासनिक स्तर पर इनकी निगरानी करने के आदेश एसडीएम, तहसीलदार, व बीडीओ को दिए हैं।

सोमवार को एसडीएम राजेंद्र शुक्ल ने क्षेत्र के कंदरावा, पूरे निधान, खरौली गांव का भ्रमण किया जहां पर ड्यूटी के दौरान महज एक आशा तो पाई गई लेकिन एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्री नदारद रही। जिनके पास पल्स ऑक्सीमीटर से लेकर थर्मामीटर थर्मल स्क्रीनिंग मशीन भी नहीं थी। क्षेत्र की आशा अनीता देवी गर्भवती महिला को लेकर सीएचसी प्रसव कराने चली आई थी। वहीं निरीक्षण से नाराज एसडीएम सीएचसी पहुंचे और आशा को बुलाकर चेतावनी दी। जिसके बाद सीएचसी अधीक्षक से नदारद रहे कर्मचारियों के स्पष्टीकरण की मांग की।

एसडीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि निगरानी समिति की जांच में आंगनबाड़ी व एएनएम मौके से गायब मिली है। जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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