उत्तर प्रदेश

एंबुलेंस मामला : मुख्तार अंसारी के गुर्गे आनंद ने उगले कई बड़े राज, अब तक 10 नामजद

बाराबंकी पुलिस की पूछताछ में बाहुबली मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले दिनों गिरफ्तार मुख्तार के करीबी आनंद यादव से पूछताछ में पुलिस को कई बड़े सुराग मिले हैं। आरोपी आनंद ने पूछताछ में बताया कि एंबुलेंस में असलहे भी साथ में रखे जाते थे। मुख्तार की सुरक्षा के लिए उसकी गैंग में शामिल लोग इसी एंबुलेंस में अवैध हथियारों से लैस होकर बैठकर जाते थे।

आनंद की निशानदेही पर बाराबंकी पुलिस लगातार अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने यह दबिश मामले में फरार चल रहे आरोपी मुजाहिद, शाहिद की तलाश में दी। दोनों फरार आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार का ईनाम भी घोषित किया है।

अब तक 10 नामजद
दूसरी तरफ, पुलिस गिरफ्त में आए आनंद यादव ने मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस को चलाने वालों के भी नाम बताए हैं। आनंद ने बताया कि गाजीपुर के सलीम और सुरेंद्र मुख्तार की एंबुलेंस को चलाते थे। वहीं, आनंद ने मुख्तार के साथ चलने वाले अफरोज का भी नाम बताया है। आनंद के बयान के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को भी एंबुलेंस केस में आरोपी बनाया है। एंबुलेंस केस में दर्ज मुकदमे में अब तक कुल 10 लोग नामजद किए जा चुके हैं।

फर्जी दस्तावेजों से रजिस्टर्ड कराई गई थी एंबुलेंस
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर साल 2013 में रजिस्टर्ड कराई गई मुख्तार की एंबुलेंस का राजफाश होने पर बाराबंकी की नगर कोतवाली में 2 अप्रैल, 2021 को मुकदमा कराया गया था। पहले इसमें केवल मऊ की एक हास्पिटल संचालिका डा. अलका राय को नामजद किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने डा. अलका के सहयोगी मऊ के ही डॉ. शेषनाथ राय सहित राजनाथ यादव, आनंद यादव के साथ-साथ मुख्तार अंसारी, उसके विधायक प्रतिनिधि मो. सैयद मुजाहिद, मो. जाफरी उर्फ शाहिद को भी जलसाजी, साजिश और धमकाने की धाराओं में आरोपी बनाया है।

बाराबंकी पुलिस अब तक अलका, शेषनाथ, राजनाथ, आनंद, को जेल भेज चुकी है। जबकि मुख्तार बांदा जेल में बंद है। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने मुख्तार की एंबुलेंस को चलाने वाले ड्राइवर और उसमें हमेशा मुख्तार के साथ चलने वाले तीन लोगों को भी आरोपी बनाया है।


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