क्राइम

आपदा में अवसर : गंगा तट के किनारे धड़ल्ले से कछुओं का शिकार कर हो रही अवैध तस्करी

शुक्लागंज-उन्नाव। उन्नाव गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी चौकी क्षेत्र में गंगा तट के किनारे धड़ल्ले से चल रहा है मछलियों तथा कछुवे का अवैध शिकार का व्यापार सूत्रों की माने तो रोज शिकारी लाखों का करते है। मछली तथा कछुवे का अवैध व्यापार शिकार पुलिस की आंख के नीचे चल रहा सारा खेल शिकारियों को नहीं है शासन प्रशासन का भय इन्हीं कारणों से चल रहा जोरोशोरो से शिकार सूत्रों की माने तो मछलियों का शिकार कर लोडरो से भरकर भोर में गैर जनपद भेजी जाती हैं मछलियां वैसे तो गंगा नदी में जल-जीवों के शिकार पर प्रतिबंध चल रहा है और लॉकडाउन के दौरान तो नाव चलाना भी प्रतिबंधित है,लेकिन इसके बावजूद रात के अंधेरे में गंगा नदी में मछलियों तथा कछुए की तस्करी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

सुबह तड़के ही जल जीवों की तस्करी करने वाले लोग लोडर में मछली-कछुआ लादकर फरार हो जाते हैं। ये तस्कर इन जल जीवों का शिकार करके अन्य प्रदेशों में भी भेजने का काम कर रहे हैं।जल जीवों का अवैध कारोबार उन्नाव जिले में तेजी से फल-फूल रहा है। जल जीव गंगा को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। बावजूद इसके गंगा नदी के किनारे जल जीवों की अवैध तस्करी खूब जोरों पर हो रही है।ग्रामीण भी इन तस्करों से खास परेशान हैं,क्योंकि तस्कर रात के अंधेरे में खेल शुरू करते है और सुबह होते ही शिकार के साथ फुर्र हो जाते हैं। इस रवैये से आम जन मानस भी त्रस्त है।

गौरतलब है कि गंगा नदी के सहारे लाखों की कमाई करने वाला गैंग फल फूल रहे है आए दिन कई कुंटलो मृत मछलियों तथा कछुए का व्यापार कर रहे है सूत्रों की माने तो गंगाघाट कोतवाली के स्पेशल टीम के सदस्यों की सह पर चल रहा सारा कारोबार अब देखना ये की इस तरह का व्यापार कब तक चलता रहेगा वही एक तरफ पतित पावनी मईया गंगा के लिए स्वच्छता अभियान चला जाता है वही दूसरी तरफ इस तरह के शिकारी पुलिस प्रशासन से बेखौफ होकर अपने अवैध व्यापार को दिन प्रतिदिन जोरोशोरो से बढ़ाने में जुटे है वहीं गंगाघाट कोतवाली पुलिस प्रशासन को इस अवैध व्यापार की सम्पूर्ण जानकारी अनभिज्ञ बनी है वही शिकारी कोरोना काल की आपदा के पूरा फायदा उठाने में जुटे हैं।

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