उत्तर प्रदेश

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, बढ़ाया गया मानदेय; जानें- कितना होगा फायदा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा दिया गया है. इनके मानदेय में करीब ₹ 1500 की बढ़ोतरी की गई है. अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह ₹5500 के स्थान पर ₹7000 मानदेय मिलेगा. इसी तरह मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में करीब ₹ 1250 बढ़ाए गए हैं.

इन्हें ₹4250 प्रति माह के मानदेय के स्थान पर अब ₹5500 प्रतिमाह मिलेंगे. सहायिकाओं के मानदेय में करीब ₹750 की बढ़ोतरी की गई है. इनको मिलने वाले मानदेय ₹3250 के स्थान पर अब ₹4000 मिलेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले को चुनावी वर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है. इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं. इस बदलाव से चुनाव में बड़ा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

मंत्री हुई सख्त, जांच रिपोर्ट

यूपी में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री स्वाति सिंह बीते करीब साढ़े 4 साल के कार्यकाल में अब सक्रिय हो गई हैं. उनकी तरफ से विभाग में लंबित सभी जांचों और लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी प्रकरणों का निस्तारण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. उन्होंने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का कार्य 3 से 4 माह में पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं.

कई जिलों में चल रही भर्ती की प्रक्रिया

राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. जिले स्तर पर इनकी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है. बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट balvikasup.gov.in के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं.

जानकारों की माने तो सभी 75 जिलों में तीन श्रेणी के अंतर्गत 53000 पदों पर भर्ती होनी है. यह भर्तियां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर की जाएंगी.

यह है न्यूनतम योग्यता

– इन पदों पर सिर्फ महिला व्यक्ति ही आवेदन कर सकती हैं.

– आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल और सहायकों के लिए न्यूनतम कक्षा 5 उत्तीर्ण का मानक रखा गया है.

– नियुक्ति में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के सदस्यों को वरीयता दी जाएगी.

– यह अनिवार्य होगा कि आवेदक ग्रामीण क्षेत्रों में उसी ग्राम सभा एवं शहरी क्षेत्र में उसी वार्ड का निवासी हो.

– गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं के उपलब्ध न होने की दशा में गरीबी रेखा के ऊपर जीवन यापन करने वाली महिलाओं के चयन पर विचार किया जाएगा.

– आवेदिका की आयु 1 जनवरी 2021 को 21 वर्ष से कम एवं 45 वर्ष से अधिक न हो. आंगनबाड़ी सहायता से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर चयन के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष होगी.

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