उत्तर प्रदेश

अलीगढ़ में 30 मातम के जिम्मेदार कौन?: DM-SSP की नाक के नीचे जहरीली शराब बेचते रहे RLD-BJP नेता

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। 15 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में हैं। इनमें से कुछ जिला अस्पताल और कुछ मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। मीडिया  ने जहरीली शराब कांड की ग्राउंड जीरो से पड़ताल की तो इन मौतों के लिए 6 जिम्मेदार मिले, इनमें से 5 बड़े चेहरे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

इन 5 जिम्मेदारों में दो आरोपी वो हैं जो जहरीली शराब बनवाकर बाजार में बेचते थे। इन दोनों की राजनीति में अच्छी पैठ है। एक का नाम ऋषि शर्मा है। ये सत्ताधारी पार्टी BJP से जुड़ा हुआ है तो दूसरे का नाम अनिल चौधरी है। ये पश्चिमी यूपी में काफी दमखम रखने वाली RLD से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा तीन जिम्मेदार सिस्टम से जुड़े हुए हैं। इनमें एक अलीगढ़ के DM, दूसरे SSP और तीसरे ADM फाइनेंस। अब तक सरकार ने जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव और सिपाही रामराज राना और एसएचओ लोधा को निलंबित कर दिया है। ये सब इस कड़ी में सबसे निचले स्तर के जिम्मेदार थे।

आबकारी कमिश्नर के पास अभी भी ठोस जवाब नहीं

मीडिया ने इस शराब कांड को लेकर आबकारी कमिश्नर पी गुरुप्रसाद से सीधे बातचीत की। उनसे सवाल पूछा कि इस कांड के लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं? बार-बार इस तरह के कांड होने के बावजूद सरकार और विभाग क्यों नहीं इस पर रोक लगा पा रही है? इन सवालों का सीधे तौर पर आबकारी कमिश्नर के पास जवाब नहीं था। बोले- DM ने इस मामले की जांच ADM को सौंपी है। रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

कमिश्नर ने ये भी बताया कि पिछले 3-4 महीने में आबकारी विभाग ने 1 हजार लीटर से ज्यादा अवैध शराब जहां भी बरामद हुई है उसकी चेन तोड़ने की कोशिश की है। मतलब शराब बनाने से लेकर उसे बेचने तक के लोगों को पकड़ा जा रहा है। हालांकि, आंकड़े बता रहे हैं कि इसी दौरान जहरीली शराब से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। मार्च से लेकर अब तक का आंकड़ा देखें तो 70 लोग जान गंवा चुके हैं।

4 थाना क्षेत्रों में अवैध कारोबार, पुलिस को भनक तक नहीं

अलीगढ़ के 4 थाना क्षेत्र जवा, लोधा, खैर और गभाना में आने वाले छेरत, करसुआ, अण्डला और राइट गांव में सरकारी देशी शराब के ठेकों से अवैध शराब बेची गई। पुलिस के पास इसकी कोई जानकारी नही थी ? शराब से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कहां कैसी शराब बिकती है इसकी जानकारी पुलिस को रहती है। चूंकि पुलिस का महीना हर ठेके से बंधा रहता है तो कोई सवाल नही उठाता है। यहां पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फेल रहा। ऐसे में अभी तक पुलिस पर कोई कार्रवाई न होना अपने आप मे सवाल खड़े करता है।

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