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अब दूसरे भतीजे के लिए शिवपाल का प्लान, अक्षय के खिलाफ खुद लड़ेंगे चुनाव

फिरोजाबाद संसदीय सीट से फिलहाल समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव सांसद हैं. अक्षय से शिवपाल सिंह यादव का रिश्ता चचेरे भतीजे का है. अब खबर है कि शिवपाल सिंह यादव फिरोजाबाद से सपा के सांसद अक्षय यादव को भी पटखनी देने के मूड में हैं. चर्चा है कि शिवपाल यादव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत फिरोजाबाद से आजमाएंगे. शिवपाल यादव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के खिलाफ मैदान में उतरेंगे. शिवपाल यादव ने जब से समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन किया है उसके बाद से काफी सक्रिय हैं. एक के बाद एक वे लगातार ऐसे फैसले लेते जा रहे हैं जिससे सपाइयों में हड़कंप मच गया है.

समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव रविवार को फिरोजाबाद मे मोर्चे का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं. फिरोजाबाद के शक्ति प्रदर्शन पर हर किसी की इसलिए निगाह लगी हुई है क्यों कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के प्रदेश भर के समर्थकों को यहां पहुंचने के निर्देश दिये गये हैं.मोर्चो के भरोसेमंद सूत्रों की ओर से ऐसा कहा जा रहा है कि इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान फिरोजाबाद का जनमत उनसे ससंदीय चुनाव में उतरने का प्रस्ताव देगा उसके बाद शिवपाल सिंह यादव की ओर से उस पर सहमति जता दी जायेगी.

इस शक्ति प्रदर्शन के बहाने शिवपाल फिरोजबाद की आवाम का दिल जीतना चाहते और समाजवादी पार्टी के प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को करारा झटका भी देना चाहते हैं क्यों कि समाजवादी पार्टी में अनबन के दौरान रामगोपाल यादव अखिलेश यादव के पक्ष में खड़े थे इसी कारण शिवपाल रामगोपाल से नाराज भी रहे हैं, लेकिन बदले हालात में नाराजगी में कमी आने की बात की गई है फिर भी फिरोजबाद का शक्तिप्रदर्शन के बहाने शिवपाल अपने आप को ताकतवर बनाने की जुगत में दिख रहे हैं.

शिवपाल के फिरोजबाद सीट से चुनाव मैदान में उतरने की सूचना ऐसी ही नहीं मानी जा रही है बल्कि उसको काफी अहमियत भी दी जा रही है. भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के सूत्रों की तरफ से कहा जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव खुद उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे. जहां से उनको जिताने के लिए भाजपा अपना कोई अधिकृत उम्मीदवार नहीं उतारेगी.

फिरोजाबाद सीट को शिवपाल के लिए अधिक मुफीद इसलिए और भी माना जा रहा है कि वहां के पूर्व विधायक अजीम भाई, पूर्व विधायक रामवीर सिंह और विधायक हरिओम यादव से शिवपाल सिंह यादव से रिश्ते बेहतर बताये जाते हैं जब कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव से उनके रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे हैं. कभी इस सीट से डिपंल यादव की करारी पराजय भी हो चुकी है लेकिन अक्षय के रूप में इस सीट पर समाजवादी पार्टी कब्जा करने में तब कामयाब हुई जब 2014 की मोदी लहर में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत में काबिज हुई.

 

 

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