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अजीत सिंह हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप सिंह कबूतरा ने आजमगढ़ कोर्ट में किया सरेंडर

आजमगढ़ । लखनऊ में कुछ माह पूर्व मऊ के ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड के आरोपित प्रदीप सिंह पुत्र कबूतरा ने शनिवार को पुलिस को नाटकीय ढंग से चकमा देते हुए आजमगढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। वह वाराणसी के ट्रांसपोर्टर धनराज हत्याकांड में भी आरोपित था। ट्रांसपोर्टर हत्याकांड में प्रदीप के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुआ था।

जिले के तरवां थाना क्षेत्र के कबूतरा गांव निवासी व कुख्यात अपराधी प्रदीप सिंह कबूतरा तरवां के पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड सिंह का शार्प शूटर है। वाराणसी के ट्रांसपोर्टर धनराज यादव की 11 मई 2013 में तरवां थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड सिंह के साथ प्रदीप सिंह कबूतरा भी आरोपित है। ट्रांसपोर्टर हत्याकांड में प्रदीप सिंह जमानत पर बाहर घूम रहे थे। धनराज हत्या का मुकदमा आजमगढ़ कोर्ट नंबर एक में काफी अर्से से चल रहा है। बीते कई महीनों से तारीख पर न आने के कारण प्रदीप सिंह कबूतरा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक में उपस्थित नहीं हो रहे थे। जिसके चलते प्रदीप सिंह के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए जमानतदारों को नोटिस जारी की गई थी। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते शनिवार को आरोपी प्रदीप सिंह कबूतरा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस को चकमा देते हुए नाटकीय ढंग से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

बता दें कि मऊ जिले के मोहम्दाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह कि लखनऊ में हुई गैंगवार हत्या में जिले के कुख्यात अपराधी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू के अलावा पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड सिंह व प्रदीप सिंह कबूतरा समेत अन्य लोगों को पुलिस ने आरोपी ठहराया था। वर्तमान में कुंटू व अखंड सिंह अजीत हत्याकांड के पूर्व से ही आजमगढ़ जेल में निरूद्ध थे। वहीं अजीत त हत्याकांड में फरार चल रहे प्रदीप सिंह कबूतरा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबाव बनाए हुए थी।

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