‘लालू’ की पैरवी करना पड़ा महंगा, सीएम योगी की रडार पर जालौन के डीएम

इस वक्त बिहार की राजनीति देश का मुख्य केंद्र बनी हुई है. जहां चारा घोटाले के एक मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाए जाने के बाद से हंगामा बरपा पड़ा है. वैसे भी अगर कोई मामला लालू से जुड़ा हो तो विवाद होना लाजमी है. मगर करोड़ों के चारा घोटाले मामले में एक के बाद एक हो रहे बड़े खुलासों से एक बार फिर राजनीति गरमा गयी है. लालू यादव को जेल से बरी करने की सिफारिश करने वालों की एक लंबी लिस्ट है जिसमें शामिल एक और नाम का खुलासा हुआ है और वो हैं जालौन के डीएम डाक्टर मन्नान अख्तर. जिन्होने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि उन्होने जज साहब को फोन नहीं किया और न ही लालू यादव के पक्ष में सिफारिश की.इसमें जालौन जिले के जिलाधिकारी डॉ मन्‍नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल सिंह का नाम भी आ रहा था.

सीएम योगी ने दिए पैरवी करने वालों पर जांच के आदेश

इन खबरों का संज्ञान लेते हुए बुधवार को मामले में जालौन के डीएम के साथ एसडीएम भी अब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रडार पर हैं. योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी रहे 2011 बैच के आइएएस अधिकारी डॉ.मन्नान अख्तर अब उनके ही निशाने पर हैं. डॉ. मन्नान अख्तर के खिलाफ लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाने वाले सीबीआई के विषेश जज शिवपाल सिंह पर दवाब बनाने का मामला सामने आया है. सजा का ऐलान करने से पहले लालू यादव और जज के बीच हुई बातचीत में इस बात का खुलासा हुआ था. लालू यादव ने कोर्ट में जज से कहा था कि साहब फैसला सुनाने से पहले ठंडे दिमाग से विचार करियेगा. इस पर जज शिवपाल सिंह ने कहा था कि आपके शुभचिंतकों के दूर-दूर से फोन आ रहे हैं.

खुद न्याय के लिए भटक रहे थे न्यायाधीश शिवपाल

इसके अलावा भी कई मुद्दों पर लालू यादव और जज शिवपाल सिंह के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हुई थी. लालू यादव ने जब परिचितों से न मिलने देने की शिकायत की थी तो जज ने कहा था इसीलिए आपको कोर्ट में बुलाते हैं, लेकिन आप आना नहीं चाहते.इस मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार अपराधी की पैरवी करने पर बिफरी हुई है. शासन ने आला अधिकारियों को दोपहर तक तलब किया है. दिल्ली से भी आला कमान ने चीफ सेक्रेटरी से भी उनकी रिपोर्ट मांगी है. इसके बाद से शासन में हड़कंप मचा हुआ है.

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जालौन के डीएम डॉ. मन्नान अख्तर व एसडीएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. सीएम के इस आदेश के बाद झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता ने डीएम डॉ मन्नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.