ये कीड़ा आपको बना देगा बेहद अमीर, कीमत-खासियत जान खिसक जाएगी पैरों तले जमीन

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कीड़े मकोड़े, नाम सुनते ही बदन में कपकपी सी दौड़ जाती हैं. हम इंसान हमेशा यही कोशिश करते हैं कि इन कीड़े मकोड़ो से जितना हो सके दूर ही रहे. इन्हें घर में घुसने से रोकने के लिए हम दरवाजे खिड़कियों पर जाली लगा देते हैं. यदि ये घर में ज्यादा मात्रा में आए जाए तो हम इन्हें मारने के लिए पेस्ट कंट्रोल करवा देते हैं या कोई कीटनाशक का उपयोग करने लगते हैं. कीड़ो को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा तो तब आता हैं जब ये आपके भोजन में गिर जाते हैं. ऐसे में उस भोजन को खाने की इच्छा ही मर जाती हैं. लेकिन यदि हम आपको कहे कि दुनियां में एक कीड़ा ऐसा भी हैं जिसे खाने के लिए लोग 25 से 30 लाख रुपए तक भी देने को तैयार हो जाते हैं तो?

ये हैं दुनियां का सबसे महंगा कीड़ा

दरअसल आज हम आपको दुनियां के सबसे महंगे कीड़े के बारे में बताने जा रहे हैं. इस कीड़े की खासियत ये हैं कि दुनियांभर में ये कीड़े 25 से 30 लाख रुपए किलो के भाव से बिक जाते हैं. ऐसे में इस कीड़े को पकड़ने के लिए लोग कई कई दिनों तक भटकते रहते हैं. इतने ऊँचे दाम सुन आपका भी इन्हें पकड़ कर बेचने का मन कर रहा होगा. तो चलिए जानते हैं ये कीड़ा कहा मिलता हैं और कैसा दिखता हैं.

सिर्फ इस जगह पर मिलता हैं ये नायाब कीड़ा

25 से 30 लाख रुपए तक बिकने वाला ये दुर्लभ प्रजाति का कीड़ा सिर्फ हिमालय के पहाड़ो में ही पाया जाता हैं. यदि इस कीड़े के रूप और अंग की बात करे तो इसका आकार औसतन 2 इंच लम्बा होता हैं. इसका रंग भूरा होता हैं और दिखने में इसके शरीर का आधा हिस्सा किसी पौधे जैसा नजर आता हैं. यही कारण हैं कि कीड़ा अपने आप में काफी अनोखा और नायाब हैं. ये कीड़ा दुनियां भर में यासार्गुम्बा (yarsagumba) के नाम से फेमस हैं. हिमालय की पहाड़ियों में रेंगने वाला ये कीड़ा इतनी आसानी से नहीं मिलता हैं. इसकी तलाश में लोग कई दिनों या महीनो तक भटकते रहते हैं. इस कीड़े की उम्र सिर्फ 6 महीने होती हैं.

क्या हैं खासियत?

अब आप सोच रहे होंगे कि सिर्फ दिखने में अनोखा होने के कारण इसकी कीमत इतनी अधिक क्यों हैं? दरअसल इस कीड़े का लुक नहीं बल्कि इसके गुण इसे दुनियां का सबसे महंगा कीड़ा बनाते हैं. इस कीड़े की सहायता से एक अनोखी दवाई बनाई जाती हैं. ये दवाई इंसानों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के काम आती हैं. इस कीड़े से बना पाउडर का उपयोग वियाग्रा की तरह किया जाता हैं. यासार्गुम्बा नाम के इस कीड़े को ‘हिमलयी वियाग्रा’ के नाम से भी जाना जाता हैं. ये कीड़े जब मर जाते हैं तो किसी घास या पौधे की तरह बिखरे रहते हैं. ऐसे अवस्था में इन्हें सुखाकर इनका पाउडर तैयार किया जाता हैं. शारीरिक क्षमता बढ़ाने के अलावा इस कीड़े का उपयोग साँस और लीवर से जुड़ी बिमारियों को ठीक करने में भी किया जाता हैं. वैसे तो इसे खाने के कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते हैं हालाँकि दिल के मरीजों के लिए इसका पाउडर काफी खतरनाक साबित हो सकता हैं.