बर्बाद होने से बचना है तो घर की महिलाओं को मत करने देना ये 4 काम, तीसरा वाला सबसे खतरनाक

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ऐसा कहा जाता हैं की एक स्त्री किसी भी घर को स्वर्ग और नर्क बना सकती हैं| स्त्री को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता हैं| इसलिए एक स्त्री जो भी करती हैं उसका असर पूरे घर पर पड़ता हैं| आपने ये कहावत तो आपने सुनी होगी की किसी भी पुरुष के सफलता के पीछे एक स्त्री का हाथ होता हैं| वो चाहे माँ, बहन या फिर पत्नी के रूप में भी हो सकती हैं| ऐसे ही शास्त्रो में बताया गया हैं कि कुछ कर्म ऐसे होते हैं जिनको स्त्रीयों के द्वारा करने पर एक पुरुष की प्रगति प्रभावित होती हैं|

इसलिए शास्त्रो में कुछ कामो को स्त्रीयों को ना करने को कहा गया हैं| यदि वो कम स्त्रियाँ करती हैं तो परिवार में गृह कलह और संकट उत्पन्न होते हैं| हमारे भारतीय समाज में एक स्त्री से यह आशा की जाती हैं की वो परिवार की मर्यादा को बना कर रखें और यदि वह उस मर्यादा को लांघती हैं तो वो परिवार को बर्बाद करने का कारण बनती हैं|

(1) शराब पीना

शराब पीना किसी भी इंसान के लिए हानिकारक होता हैं| फिर चाहे वो स्त्री हो या पुरुष, शराब एक बसे बसाएँ घर को उजाड़ देता हैं| वैसे भी शास्त्रों में शराब पीना राक्षसों का गुण माना गया हैं| एक स्त्री को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता हैं| ऐसे में यदि घर की लक्ष्मी ही शराब पीने लगे तो आप सोच सकते हैं उस घर की क्या हालत हो सकती हैं| शास्त्रों में महिलाओं के लिए शराब का सेवन बिल्कुल भी निषेध माना गया है। ऐसी मान्यता है यदि एक स्त्री शराब पीकर कुछ उल्टी-सीधी हरकते करती हैं तो समाज की मान-मर्यादा को ठेस पहुंचती है| जिसकी वजह से परिवार की बदनामी होती हैं| इसलिए स्त्रीयों को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

(2) पराए मर्दों से दोस्ती

हमारे भारतीय समाज में लड़के और लड़की की दोस्ती को ठीक नहीं माना जाता हैं| वैसे भी स्त्रियों को पतिव्रता के नाम से जाना जाता है। एक स्त्री अपने पति, पिता पुत्र और भाई के अलावा और किसी भी पुरुष से बात नहीं कर सकती हैं| ऐसा करना उनके लिए निषेध माना गया है। माना जाता हैं कि एक स्त्री का पराए मर्द से दोस्ती करना उनके परिवार के लिए संकट उत्पन्न कर सकता है| इसलिए अपने परिवार को इस संकट से दूर रखने के लिए उन्हें इन सारे नियमों का पालन करना पड़ता है। इस समाज में कुछ ऐसे पुरुष भी हैं जो सिर्फ अपने फायदे के लिए ही स्त्रीयों से दोस्ती करते हैं| ऐसे पुरुषो से स्त्रीयों को बच के रहना चाहिए|

(3) बिना वजह यहां-वहां घूमना

ऐसा माना जाता हैं कि स्त्रीयों को बिना वजह इधर-उधर नहीं घूमना चाहिए| यहाँ तक घर में ऐसे भी नियम बनाए गए होते हैं एक स्त्री बिना घर वालो से पुछे कहीं भी घूमने नहीं जा सकती हैं| यदि एक स्त्री बिना घर वालो की इजाजत से कहीं घूमने चली जाती हैं तो घर में क्लेश होना अनिवार्य हैं| इसके अलावा शादीशुदा स्त्रीयों के लिए यह नियम और भी सख्त है| वो बिना अपने पति के इजाजत से कहीं भी घूमने नहीं जा सकती हैं|

(4) पति से अलग रहने वाली महिला

हमारे समाज में एक स्त्री की पहचान एक पुरुष पर निर्भर करता हैं| जब एक स्त्री की शादी हो जाती हैं तो उससे यह आशा की जाती हैं की वो अपने ससुराल में सुखी पूर्वक रहें| इसके साथ ही वो अपने पति और सास-ससुर के सेवा करे| उस स्त्री से ये भी आशा की जाती हैं की ससुराल में कुछ भी उसके साथ हो जाएँ लेकिन उसे अपना ससुराल छोडकर नहीं जाना चाहिए|

अक्सर ऐसा होता हैं कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो जाती हैं| ऐसे में कुछ स्त्रियाँ अपने पति का घर छोड़कर चली जाती हैं| हमारे समाज में पत्नी का पति का घर छोड़ना अच्छा नहीं माना जाता हैं| ऐसे में जो स्त्रियाँ अपने पति का घर छोडकर अलग रहती हैं उन्हें हमारा समाज चरित्रहीन कहता हैं|