ख़बरबिहार

PK को निपटाने के लिये नई रणनीति बनाए नीतीश कुमार, कितना करेगी काम ?

अपने पुराने रणनीतिकार प्रशांत किशोर से निपटने के लिये जदयू ने नई रणनीति बनाई है, कि उनकी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जाए, लेकिन उस पर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया जाए, यही वजह है कि 1 दिन पहले प्रशांत किशोर पर हमला करने वाले जदयू प्रवक्ता अब खामोश हो गये हैं, बिहार सरकार में मंत्री और जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत को राजनीतिक पर्यटक बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के बारे में क्या बोलना।

बीजेपी भी हमलावर
दूसरी ओर बीजेपी प्रशांत किशोर पर हमलावर है, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने खुद ही मोर्चा संभाल रखा है, आपको बता दें कि जदयू से निकाले जाने के बाद पीके ने चुप्पी साध रखी थी, दिल्ली चुनाव खत्म होने के बाद वो मंगलवार को पटना पहुंचे और प्रेस कांफ्रेंस में मोदी तथा नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला, उन्होने आंकड़ों के माध्यम से नीतीश के विकास फॉर्मूला के दावों पर सवाल खड़े किये, साथ ही बीजेपी-जदयू की दोस्ती पर तंज कसते हुए कहा कि गांधी और गोडसे एक साथ नहीं चल सकते।

जदयू की रणनीति
जदयू ने मंगलवार को भी प्रशांत किशोर को कुछ खास तरजीह नहीं दी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह और लोकसभा में जदयू संसदीय दल के नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कुछ भी बोलने से परहेज किया, आरसीपी सिंह पहले भी पीके का नाम नहीं लेते थे, इस बार भी उन्होने कुछ ऐसा ही किया।

मंत्री ने कसा तंज
सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने पीके का बिना नाम लिये कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, धार्मिक, प्राकृतिक से लेकर कई तरह के पर्यटक आते हैं, नया अध्याय राजनीतिक पर्यटन का जुड़ गया है, कुछ लोग राजनीतिक पर्यटन के लिहाज से भी आते हैं, ऐसे लोगों पर क्या टिप्पणी करें, आज यहां हैं, कल कहीं और रहेंगे, बिहार के नेता नीतीश कुमार हैं, हम लोग किसी और को नहीं जानते हैं।

Back to top button