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विकिलीक्स फाउंडर जुलियन असांज को लंदन पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें क्या है केस

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को गुरुवार को सेंट्रल लंदन में ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बीते 7 सालों से असांजे ने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी थी. एक यौन उत्पीड़न के केस में स्वीडन में प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए असांजे ने दूतावास को अपना ठिकाना बना रखा था. साउथ अमेरिकन कंट्री में मिली शरण वापस लेने के बाद असांजे को लंदन में इक्वाडोर दूतावास से गिरफ्तार किया गया है.

मेट्रोपॉलिटन पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वे (असांजे) को सेंट्रल लंदन के एक पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है. इसके बाद उन्हें वेस्टमिंस्टर कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. 29 जून 2012 को इसी कोर्ट ने असांजे के खिलाफ वारंट जारी किया था, लेकिन असांजे ने सरेंडर नहीं किया. इसी वारंट के आधार पर असांजे की गिरफ्तारी हुई है.

बयान में कहा गया है, ‘MPS (मेट पुलिस सर्विस) की ये ड्यूटी थी कि वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी वारंट को एक्जिक्यूट कराया जाए. इसीलिए इक्वाडोर सरकार की असांजे की शरण वापस लेने के बाद राजदूत ने दूतावास में आमंत्रित किया.’

असांजे ने स्वीडन में प्रत्यर्पित होने से बचने के लिए 2012 में इक्वाडोर के लंदन दूतावास में शरण ली थी. स्वीडन में अधिकारी उनसे यौन उत्पीड़न के एक मामले में पूछताछ करना चाहते थे. उस जांच को बाद में बंद कर दिया गया, लेकिन असांजे को डर है कि उसे अमेरिका में आरोपों का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित किया जा सकता है.

विकीलीक्स के संस्थापक पर राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो के निजी जीवन के बारे में जानकारी लीक करने का आरोप लगने के बाद उनके होस्ट के साथ संबंध खराब हो गए थे. मोरेनो ने पहले कहा था कि असांजे ने उनकी शरण की शर्तों का उल्लंघन किया है.

असांजे की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन को यह गारंटी देने के लिए कहा था कि असांजे को ऐसे देश में नहीं भेजा जाएगा जहां उन्हें यातना या मौत की सजा का सामना करना पड़े.

 

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