जज से क्यों बोले लालू- साहब, खुली जेल में नहीं भेजिए

पटना: बहुचर्चित देवघर चारा घोटाला केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है. वहीं बुधवार को पेशी के दौरान लालू ने ओपन जेल का विरोध किया है. लालू ने पेशी के दौरान अदालत से कहा कि उन्हें ओपन जेल में न भेंजे, क्योंकि इससे पुलिस बल की मुश्किलें बढ़ेंगी. लालू ने इसका तर्क देते हुए कहा कि खुली जेल में उनसे मिलने काफी भीड़ जमा हो सकती है…

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दरअसल, जब लालू को मामले में दोषी करार दिया गया था, तब वे रांची की बिरसा मुंडा जेल में रह रहे थे. लेकिन कोर्ट  ने सजा के ऐलान के बाद उन्हें हज़ारीबाग की ओपन जेल में भेजा दिया. सजा के ऐलान के वक्त विशेष सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने ओपन जेल भेजने की अनुशंसा की थी.

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अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, बुधवार को लालू यादव की पेशी एक अन्य मामले में हुई थी, इस दौरान जज ने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है. जिसके जवाब में लालू यादव ने ये बातें कहीं.

लालू को क्यों रखा गया ओपन जेल मेें?

दरअसल, सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने ओपन जेल भेजने की अनुशंसा करते हुए कहा था कि लालू समेत सभी दोषी उम्रदराज़ हैं, इसलिए उन्हें बिरसा मुंडा जेल से शिफ्ट करके हजारीबाग के ओपन जेल में भेज देना चाहिए. जहां उन्हें कुछ ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं.

कई विशेष सुविधाएं से लैस है हजारीबाग ओपन जेल

हजारीबाग स्थित ओपन जेल का उद्घाटन 2013 नवंबर में हुआ था. इस जेल में 100 कॉटेज हैं. हर कॉटेज में किचन और अटैच्ड बाथरूम की सुविधा उपलब्ध है. कुल मिलाकर यहां 100 कैदी अपनी पत्नी और एक छोटे बच्चे के साथ रह सकते हैं.

लालू केे लिए जेल में मंगाई जाएंगी गाय

इससे पहले हजारीबाग जेल प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की थी कि बहुत जल्दी जेल में 10 से 12 गाय और भैंस लाई जाएंगी. माना जा रहा है ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि विशेष सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने सजा के ऐलान के वक्त यह टिप्पणी की थी कि ओपन जेल में गाय और भैंस चरते हैं.