धर्म

भगवान जब कर रहे थे स्त्री की रचना तब हुई थी अजीब घटना, इसके बारे में चंद लोगों को ही पता

लोगों के द्वारा महिलाओं को लेकर अक्सर ऐसी बातें कही जाती है कि महिलाएं इस दुनिया की सबसे अजीब पहेलियों में से एक है। यही वजह है कि हमेशा से महिलाओं को समझ पाना नामुमकिन सा हुआ करता है। महिलाओं से जुड़ी इस बात को जानकर आपको बेहद हैरानी होगी कि जिस वक्त भगवान फुर्सत के समय में महिला की रचना कर रहे थे उस दौरान एक ऐसी अजीब घटना घटी। अब आपके मन में या ख्याल जरूर आ रहा होगा कि स्त्री की रचना करने के दौरान कौन सी अजीब घटना घटी। तो चलिए बताते हैं आपको भी उस दौरान घटित हुई उस अजीब घटना के बारे में…

दरअसल ऐसा बताया जाता है कि जिस वक्त भगवान स्त्री की रचना कर रहे थे उस दौरान स्त्री की रचना करने में भगवान को बहुत ही ज्यादा समय लग रहा था। बहुत ज्यादा समय लगता देख उनके देवदूत ने उनसे यह सवाल पूछ डाला कि “हे भगवान” स्त्री की रचना करने में आपको इतना ज्यादा वक्त क्यों लग रहा है..? जिसके जवाब में उन्होंने ऐसा कहा कि क्या तुमने कभी स्त्रियों के गुण को देखा है।

यह मेरी पहली ऐसी संरचना है जो कि हर एक हालात में खुद को संभाले रखती है। इसके साथ ही साथ परिस्थिति कितनी भी खराब क्यों ना हो वह सब को खुश रखने की हर संभव कोशिश किया करती है। अपने हर एक बच्चे को एक समान प्यार करने के साथ ही वह खुद का भी ख्याल बहुत अच्छे तरीके से रखती है।

भगवान के द्वारा दिए गए इस जवाब को सुनने के बाद उनका देवदूत हैरान रह गया और उसके बाद भगवान के उस दूत ने उस सरचना के पास जाकर इसे अपने हाथों से लगाया। हाथ लगाते ही वह बोल उठा कि यह तो बेहद नाजुक है। जिसके जवाब में भगवान ने अपने दूत से कहा कि दिखने में यह रचना बाहर से भले ही नाजुक है परंतु अंदर से यह बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली और धैर्यवान है।

जिसके बाद देवदूत ने एक बार फिर से भगवान से यह सवाल पूछा कि क्या यह सोच भी सकती है..? जिसके जवाब में भगवान ने अपने दूत से कहा कि हां ये हालात के मुताबिक सोच भी सकती है और उस हालात का मजबूती से डटकर मुकाबला भी कर सकती है। अंत में देवदूत ने भगवान से यह सवाल किया कि क्या आपके द्वारा की गई यह रचना पूरी तरह से संपूर्ण है। जिसके बाद भगवान ने इस सवाल का यह जवाब दिया कि नहीं इसके अंदर अभी भी एक त्रुटि मौजूद है और वह त्रुटि यह है कि यह अपनी महत्ता हर वक्त भूल जाती है।

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