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Video: तीसरी बार स्टिंग में फंसे मोदी जी के ये ‘लालची’ सांसद, बोले- खर्चता हूं करोड़ों का काला धन

3 दिन पहले लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल टीवी9 भारतवर्ष ने आज सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन देश के सामने पेश किया. इस स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे कई सांसदों की पोल खुल गई जो पैसों की खातिर अपने जमीर के साथ-साथ लोकतंत्र का भी सौदा करने को तैयार हैं. अंडरकवर रिपोर्टर्स के छुपे हुए कैमरों के जरिए राजनीति का वो सच सामने आया है जिसने देश को हिलाकर रख दिया.

इसी स्टिंग में एक ऐसे सांसद एक बार फिर पकड़े गए जो पहले भी कई बार स्टिंग ऑपरेशन्स में बेनकाब हो चुके हैं. हालांकि वो तमाम आरोपों के बाद भी ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में बने हुए हैं बल्कि इस बार भी बीजेपी ने इनको ही टिकट दिया है. बात हो रही है पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की, जो मध्यप्रदेश के मंडला निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.

कुलस्ते 1999 से वाजपेयी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे. वोट फॉर नोट कांड में नाम आने के बाद वह कई दिनों तक सूर्खियों में छाए रहे. संसद के अंदर उन्होंने भी नोट की गड्डियां लहराई थीं. सांसद का दावा है कि पिछले आम चुनाव में यानि 2014 में इन्होंने 12 करोड़ रुपए खर्च किए. सिर्फ रैलियों पर 2 करोड़ से ज्यादा उड़ा दिए. चुनाव प्रचार के लिए गाड़ियों में, विरोधियों के वोट काटने के लिए उम्मीदवार खड़े करने में, मतदाताओं में शराब बांटने में करोड़ों की ब्लैकमनी उड़ा दी.

फग्गन सिंह कुलस्ते का दावा है कि वो कम से कम 10 करोड़ ख़र्च करके आराम से चुनाव लड़ते हैं, जबकि चुनाव आयोग ने ख़र्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये तय की है. मतलब ये कि पिछले लोकसभा चुनाव में कुलस्ते साहब ने तय सीमा से 14-15 गुना ज्यादा खर्च किया.

स्टिंग ऑपरेशन में बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने खुद ही बताया कि अपने संसदीय क्षेत्र में हर पोलिंग सेंटर पर वो 10-10 हज़ार रुपये ख़र्च करते हैं. यानी करीब ढाई करोड़ रुपये काला धन सिर्फ़ पोलिंग सेंटर पर ही फूंक दिया जाता है. कुलस्ते ने ख़ुफ़िया कैमरे पर दावा किया कि हेलिकॉप्टर से होने वाली चुनावी रैलियां भी काले धन की बदौलत ही मुमकिन हो पाती हैं.

कुलस्ते का दावा अगर सही है, तो चुनाव आयोग द्वारा तय की गई ख़र्च की सीमा उनके लिए कोई मायने नहीं रखती. क्योंकि, वो अपने चुनाव में तय सीमा से 10-12 गुना ज़्यादा रुपये ख़र्च करते हैं. वो भी पूरा का पूरा ब्लैकमनी. बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने ख़ुफ़िया कैमरे पर ये दावा भी किया कि वो ख़ुद ही डमी कैंडिडेट्स खड़े करवाते हैं. उन्हें लाखों रुपये ब्लैकमनी देते हैं, ताकि वो चुनाव में उनकी मदद कर सकें.

कुलस्ते ने ये ख़ुलासा भी किया कि लोकसभा चुनाव में वोटर और सपोर्टर दोनों को शराब के सुरूर में डुबोने के लिए वो लाखों रुपये का काला धन बहा देते हैं. अब जरा सोचिए, चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 70 लाख है, लेकिन कुलस्ते साहब खुद ही बता रहे हैं कि 25–30 लाख रुपये तो सिर्फ समर्थकों, कार्यकर्ताओं और वोटर्स को शराब पिलाने में खर्च कर देते हैं. इसी कड़ी में बीजेपी सांसद कुलस्ते ने बताया कि कैसे वो चुनाव के दौरान काले धन को किस्तों में ख़र्च करते हैं, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी ना हो सके.

जुलाई 2008 में संसद में नोटों के बंडल लहराने वाले बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते जेल की हवा खा चुके हैं, लेकिन उनकी हिम्मत देखिए. अंडरकवर टीम ने फ़र्ज़ी कंपनी बनकर उन्हें करोड़ों रुपये का जो काला धन उपलब्ध कराने का ऑफर दिया था, उसके लिए वो सारा पैसा अपने दिल्ली वाले सरकारी आवास पर ही मंगवाने को तैयार हो गए. इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली के अलावा कई और ठिकाने भी बताए, जहां से हवाला के ज़रिए वो करोड़ों रुपये मंगवाते हैं. फग्गन सिंह कुलस्ते ने बेफ़िक्र होकर बताया कि जबलपुर से नागपुर तक उनका हवाला रैकेट फैला हुआ है. उन्होंने ये ख़ुलासा भी किया कि चुनाव के लिए बीजेपी हेडक्वार्टर से उन्हें जो फंड मिलता है, वो आयोग की तय सीमा से ज़्यादा मिलता है और वो भी कैश.

नोट- ये खबर इतनी बड़ी है कि ज्यादा से ज्यादा देशवासियों तक पहुंचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. इसीलिए इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए टीवी9 भारतवर्ष की पूरी टीम को बधाई देते हुए हम ये खबर जनमन टीवी की वेबसाइट पर लगा रहे हैं. हम ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि जनमन टीवी इस स्टिंग ऑपरेशन की पुष्टि नहीं करता है.

देखिए वीडियो-

https://www.youtube.com/watch?v=A4mAveNBFLw

 

 

 

 

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