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VIDEO : पूर्व CM को देनी थी 22 बंदूकों की सलामी, नीतीश के सामने सारी हो गईं फुस्स

सलामी के दौरान राइफल्स से नहीं निकली गोली

बिहार के पूर्व सीएम डॉ. जगन्नाथ मिश्र पंचतत्व में विलीन हो गये। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को सुपौल के बलुआ बाजार स्थित पंडित रविनंदन मिश्र परिसर में राजकीय सम्मान के साथ हुआ। डॉ. जगन्नाथ मिश्र को मुखग्नि उनके बड़े पुत्र संजीव कुमार मिश्र ने दी। पूर्व सीएम डॉ. जगन्नाथ मिश्र के राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी चूक देखने को मिली। मुखाग्नि देने से पहले पुलिस जवानों की ओर से पूर्व सीएम को शोक सलामी दी जा रही थी। इस दौरान जवानों ने सलामी देने के लिए राइफल में कारतूस भरा और ट्रिगर दबाया मगर आश्चर्य यह कि एक भी राइफल से गोली फायर नहीं हुई। शोक सलामी देने के लिए 22 जवान कतारबद्ध होकर खड़े थे। राज्य के सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद थे।

पूर्व सीएम के सम्मान में 22 राइफल से सलामी दी जानी थी मगर एक से भी गोली नहीं चली। इसके बाद उपस्थित लोगों में यह बात चर्चा का विषय बन गई। हर कोई गोली नहीं चलने पर पूर्व सीएम के राजकीय सम्मान में हुई प्रशासनिक चूक पर हैरानी जता रहा था कि आखिर गोली फायर क्यों नहीं हुई। वहीं कुछ लोग इस पर पुलिस प्रशासन पर चुटकी लेते भी दिखे। लोगों का कहना था कि जब राइफल राजकीय सम्मान के साथ हो रही अंत्येष्टि में शोक सलामी में नहीं चली तो इन्हीं राइफलों से कैसे आम लोगों की सुरक्षा हो सकती है? लोग सुशासन की हाईटैक पुलिसिंग पर भी व्यंग्य कसते नजर आये।

अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद राजद जिलाध्यक्ष सह पिपरा विधायक यदुवंश कुमार यादव ने इसे पुलिस की नाकामी बताते हुए पूर्व सीएम डॉ. मिश्र के सम्मान के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच तक कराने की मांग कर डाली। इस संबंध में एसपी मृत्युंजय कुमार चौधरी ने बताया कि पूरे मामले की जांच करायी जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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