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काश ! SC तक पहले पहुंच जाती यूपी की बेटी की आवाज..तो इतने बुरे न होते हालात

एक सत्ताधारी विधायक के साथ खड़े पूरी सिस्टम के खिलाफ इंसाफ की जंग लड़ रही थी एक गरीब बेटी. उसके साथ गैंगरेप हुआ, पुलिस हिरासत में उसके पिता का कत्ल कर दिया गया. फिर उसे भी जान से मारने की कोशिश की गई. एक सड़क हादसा कराया जाता है. पीड़िता की मौसी-चाची उसमें खत्म हो गईं और वो जिंदगी की जंग 5 दिनों से लड़ रही है. आखिरकार, उसकी चीत्कार देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंचती है. और अब इस केस में सुप्रीम कोर्ट जो सख्ती दिखा रहा है और जो फैसले कर रहा है, उनको देखते हुए ये कसक दिल में उठना लाजिमी है कि काश, ऐसा पहले हो गया होता.

उन्नाव रेप केस में आज (शुक्रवार) को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि पीड़िता का इलाज लखनऊ में ही किया जाएगा और उसे दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जाएगा. वहीं चाचा के सुरक्षा को देखते हुए उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जाएगा. अभी पीड़िता के चाचा को रायबेरली की जेल में रखा गया है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पीड़िता की तरफ से पेश हुए वकील बी राजशेखरन ने चाचा की सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आग्रह किया था. इसके जवाब में यूपी सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद बेंच ने पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया.

वहीं वकील बी राजशेखरन ने कोर्ट को जानकारी दी की पीड़िता का परिवार लखनऊ में ही इलाज कराना चाहता है, ऐसे में वह नहीं चाहते हैं कि पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किया जाए. बता दें कि गुरुवार को अदालत ने कहा था कि अगर पीड़िता का परिवार चाहे तो उनका इलाज दिल्ली में किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट को पीड़िता की तबीयत की जानकारी भी दी गई है. कोर्ट को बताया गया है कि पीड़िता अभी लखनऊ के अस्पताल में भर्ती है, वह ICU में ही है.

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