उत्तर प्रदेश

मोदी के खिलाफ ताल ठोंकेगा ये ‘मुर्दा’ इंसान, काशी से लड़ेंगे चुनाव, वजह भी बेहद खास

राम अवतार।

आगामी लोक सभा चुनाव का आगाज़ हो चुका है. इस चुनाव में सियासी घमासान के बीच नेताओं की तरफ से आपत्तिजनक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सभी पार्टियों ने चुनाव के  के मद्देनजर पार्टियों का चुनावी अभियान जारी है| अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी दिग्गज उम्मीदवार अपने संसदीय क्षेत्रों का दिन-रात दौरा कर रहे हैं और अच्छा  माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं.  इसी सब के बीच बताते चले  इस चुनाव में सभी पार्टियों के दिग्गज  नेता रैली, रोड शो, और पब्लिक मीटिंग और घर-घर जाकर लोगों से वोट मांग रहे हैं।

इस बीच आपको बताते चले  देश की सबसे वीआईपी हॉट सीट भोले बाबा की नगरी वाराणसी से एक बुजुर्ग मृत इंसान इस चर्चा जोरो पर है. बताते चले उन्होंने PM मोदी के खिलाफ  चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया  है। बता से खबरों के अनुसार उस बुजुर्ग मृत इंसान ने सपा के मुखिया और अखिलेश यवाद के पिता मुलायम सिंह के खिलाफ आजमगढ़ सीट से पिछले लोकसभा चुनाव में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन नामांकन खारिज कर दिया गया था। दरअसल, PM  के खिलाफ चुनाव लड़ने का मन बना चुके राम अवतार यादव पिछले  आठ सालों तक सरकारी अभिलेखों में मृत रहे हैं। कागजी गड़बड़ी दुरुस्त हो गई, लेकिन अभी तक उन्हें उनकी जमीन नहीं मिली है।

जानिए कौन है ये बुजुर्ग मृत इंसान

85 वर्षीय रामअवतार यादव, आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के गोरई पट्टी गांव के रहने वाले हैं और शरीर से दिव्यांग भी है। भूमाफिया ने उनकी जमीन हड़पने के लिए साल 2005 में उन्हें अभिलेखों में मृत करा दिया। जब राम अवतार को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने मृतक संघ के अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक से मुलाकात की। लाल बिहारी ने राम अवतार को कागजों में जिंदा कराने के लिए लड़ाई लड़ी और 2013 में सफलता मिली। करीब आठ साल कागजों में मृत रहने के बाद 2014 में परिवार रजिस्टर में उसका नाम भी अंकित हो गया। लेकिन अभी तक राम अवतार को जमीन वापस नहीं मिली। आज वह अपनी जमीन पाने के लिए 85 वर्ष की बुढ़ापे में संघर्ष कर रहे हैं।

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