बुआ-भतीजे ने ढहाए बीजेपी के किले, अगला टार्गेट- हिंदुत्व की प्रयोगशाला

अखिलेश यादव और मायावती की नई-नई जुगलबंदी ने यूपी में बीजेपी के दो किले ढहा दिए. सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इलाकों में हुए उपचुनाव बसपा के समर्थन से सपा ने जीत लिए. खबर है कि इस जीत के बाद बुआ-भतीजे की जोड़ी ने अपना अगला टार्गेट भी सेट कर लिया है. ये टार्गेट है कैराना, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की वो लोकसभा सीट जिसे बीजेपी ने कट्टर हिंदुत्व की प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया था.

बसपा का प्रत्याशी, सपा का समर्थन

कैराना लोकसभा सीट बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के चलते रिक्त हुई है. अब यहां पर उपचुनाव होना है. पता चला है कि इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार के सामने मायावती अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगी और समाजवादी पार्टी बसपा को अपना समर्थन देगी. ठीक उसी तरह जैसे फूलपुर और गोरखपुर में बसपा ने सपा उम्मीदवार को समर्थन किया था.

आपको याद होगा कि 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कैराना का नाम खूब सुर्खियों में रहा था. तब वहां के दिवंगत सांसद हुकुम सिंह ने कैराना में हिंदुओं के पलायन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था. प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं ने पूरे प्रदेश में इस पर भाषण दिए थे. तब बीजेपी वालों का नारा था- कैराना को कश्मीर नहीं बनने देंगे.

अब इसी कैराना में उपचुनाव होने हैं. जाहिर है, सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए ये चुनाव एक बड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि अपने गढ़ गंवाने के बाद बीजेपी से ज्यादा सवाल खुद सीएम पर उठ रहे हैं.