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सेंगर पर बीजेपी ने आज लिया जो एक्शन, अगर वो पहले होता तो पीड़िता का ‘एक्सीडेंट’ न होता !

उन्नाव गैंग रैप विक्टिम का पूरा घर बर्बाद हो गया, तब जाकर बीजेपी को होश आया है. उसके बाद भी सिर्फ निकाला है. कड़ी निन्दा या कार्रवाई जैसा प्रावधान अभी तक नहीं किया. अगर सीबीआई जांच नहीं होती तो ये रेप का आरोपी ऐसे ही जेल में रहकर भी मौज मारता रहता.

हत्या को सड़क हादसे की शक्ल दी गई. ताकि मामला ही खतम हो जाए. हमने दिल्ली गैंगरेप को जघन्य रेप कांड बताया, क्या ये जघन्य अपराध नहीं है. जहां लड़की का गैंगरेप हुआ. पिता की मौत हुई. मौसी और चाची को मार दिया गया. लड़की को वेंटिलेटर पर पहुंचा दिया. चाचा को जेल में पहुंचा दिया. और क्या चाहिए जघन्य घोषित करने के लिए. ऐसे जुर्म अगर साबित हो जाएं तो क्यों ना फिर ऐसे दोषी को फांसी दी जाए. क्योंकि जो शख्स जेल में रहकर सारे कांड कर सकता है, वो उम्रकैद होने पर भी तो जेल से सारे जुर्म कर सकता है.

सज़ा तो उन लोगों को भी होनी चाहिए जो आरोपी को मदद पहुंचा रहे हैं. कौन हैं वो लोग? राजनीतिक? पुलिस? गुंडे? उनकी भी तो तलाश हो कि कैसे मदद की जा रही है. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बुलन्द करने वाली बीजेपी सरकार अब होश आया कि उसे पार्टी से निकाला जाए, जब लड़की का घर उजड़ गया.

हालांकि, इस जुल्म पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है और हो सकता है कि केस की सुनवाई भी बहुत जल्द निपटा दी जाए. सुप्रीम कोर्ट इंसाफ जल्द करे, क्योंकि लड़की वेंटिलेटर पर है. उसको ढंग का इलाज मिले, ताकि उसकी जान बच सके.

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