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वर्दीवालो ने खोला थाने में ब्लैकमेलिंग गैंग, लडकियों के सहारे फांसते थे शिकार !

नोएडा, । नोएडा सेक्टर-39 पुलिस ने सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में पुलिस एवं अपराधी की मिली भगत से  दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर धन की उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नोएडा सेक्टर-44 चौकी इंचार्ज, तीन आरक्षी, तीन पीसीआर चालक एवं दो महिलाओं समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक युवती अभी फरार है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने मंगलवार को बताया कि गिरोह का मुखिया चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा एवं सतीश उर्फ अंकित है। दोनों योजना बनाकर दो युवतियों फरीदाबाद निवासी विनीता और पूजा के साथ मिलकर रास्ते में अकेले चल रहे लोगों से मजबूरी बताकर लिफ्ट मांगते थे। लिफ्ट लेने के बाद युवतियां सेक्टर-44 चौकी के पास जहां पूर्व से ही चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा, कॉन्स्टेबल मनोज कुमार, अजयवीर सिंह, देवेंद्र कुमार, पीसीआर चालक विपिन सिंह, दुर्वेश कुमार और राजेश खड़े रहते थे, वहां जाकर चौकी इंचार्ज से खुद के साथ बलात्कार होने की शिकायत करती थी।
एसएसपी ने बताया कि युवतियों द्वारा शिकायत के कुछ देर बाद जैतपुर दिल्ली निवासी देशराज युवतियों का वकील बन कर आता था और मुकदमा लिखने की बात करता था। उसी दौरान चौकी के पास ही घूम रहे औरैया निवासी अनूप, बरेली निवासी सलीम, फरीदाबाद निवासी सतीश उर्फ अंकित, पलवल निवासी हरिओम और जैतपुर दिल्ली निवासी सुरेश मामले में मध्यस्थता करने के बहाने आ जाता था। उसके बाद पैसे की लेनदेन करके मामले को शांत करने का सुझाव देता था। पुलिस के चक्कर से बचने के लिए उस सुझाव को पीड़ित मान लेता और सुलह कराने के लिए तय राशि दे देता था। वैजब तक युवतियों को पैसे नहीं मिलते, तब तक पीड़ित की गाड़ी को चौकी इंचार्ज चौकी के पास ही रखते थे।
हरबार नई युवती को ब्लैकमेलिंग में शामिल करते थे
 
एसएसपी ने बताया कि चौकी इंचार्ज एवं सतीश उर्फ अंकित हरबार अलग-अलग युवतियों को इस ब्लैकमेलिंग  में शामिल करता थे, ताकि किसी को शक न हो। पूछताछ में अभी तक ब्लैकमेलिंग में शामिल तीन युवतियों की पहचान हो पाई है। जिसमे से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक अभी फरार है।
जाल बिछाकर पकड़ा अपराधियों को
 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ दिन पूर्व एक युवक ने शिकायत की थी कि सेक्टर-44 चौकी के पास एक युवती ने लिफ्ट मांगा और सेक्टर-44 चौकी के पास पुलिस से उसके साथ बलात्कार करने की शिकायत करने लगी और पैसे लेकर मामले को शांत करने की बात कह रही थी। शिकायत मिलने के बाद योजना बनाकर आरोपितों को सोमवार की देर रात को पकड़ा गया है। आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में यह गैंग चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा के सेक्टर-44 की जिम्मेदारी मिलने के बाद मार्च से ही सक्रिय था।
चौकी इंचार्ज नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में भी करता था उगाही
 
एसएसपी के अनुसार आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपित चौकी इंचार्ज की तैनाती पिछले वर्ष थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में थी। वहां भी वह इस तरह के गिरोह का संचालन कर रहा था। उस वक्त यह बात उजागर नहीं हुई थी।
मुख्य आरोपित सतीश उसकी पत्नी विनीता एवं पूजा जा चुके हैं जेल
वैभव कृष्ण ने बताया कि गिरोह का सरगना सतीश उर्फ अंकित उसकी पत्नी विनीता एवं पूजा वर्ष 2014 से 2017 के बीच पुलिस के साथ मिलकर इसी तरह का गिरोह चलाने के आरोप में जेल जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद नोएडा में यह सक्रिय हो गए थे। आरोपितों के से पूछताछ में पता चला है कि इन्होंने अभी तक 13 लोगों को ऐसे ही ठगा है। पूछताछ में गिरोह में शामिल एक और युवती का नाम भी पता चला है जो फरार है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लेगी। तीन पीड़ितों की भी पहचान हो चुकी है। अभी और लोगों की पहचान होना बाकी है। आरोपितों के पास से उगाही के 50000 रूपए, एक हौंडा सिटी कार, वार्ना कार और ग्रैंड आई-10 कार बरामद हुई है।
40 प्रतिशत हिस्सा चौकी इंचार्ज को मिलता था
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकने बताया कि गिरोह में शामिल सभी लोगों का हिस्सा उनके किरदार के हिसाब से बंटा हुआ था। चौकी इंचार्ज को उगाही के पैसे में 40 प्रतिशत हिस्सा मिलता था, 30 प्रतिशत सतीश उर्फ अंकित को मिलता था, 10 प्रतिशत योजना में शामिल युवतियों को मिलता था और 20 प्रतिशत में कॉन्स्टेबल एवं अन्य को हिस्सा मिलता था।

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