ख़बरदेश

ट्रिपल तलाक पर हिंदू महिलाओं को लेकर जो सवाल पूछे ओवैसी, क्या वो नाजायज है ?

तीन तलाक पर बिल लोकसभा में पेश हो गया है, इसके साथ ही इस पर राजनीति भी जोरों पर है. एक ओर बीजेपी इस बिल के सहारे मुस्लिम समाज में घुसपैठ करने की कोशिश में लगी है तो वहीं विपक्षी दल इस बिल का विरोध कर मुस्लिम वोट बैंक को किसी कीमत पर गंवाना नहीं चाह रही है. आज लोकसभा में जब केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल पेश किया तो विपक्षी दलों ने एक सुर में इसका विरोध किया.

ओवैसी ने तीन तलाक विधेयक पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर किसी गैर मुस्लिम को केस में डाला जाए तो उसे 1 साल की सजा और मुसलमान को 3 साल की सजा. क्या यह आर्टिकल 14 और 15 का उल्लंघन नहीं है? इस बिल से सिर्फ मुस्लिम पुरुषों को सजा मिलेगी. आप मुस्लिम महिलाओं के हित में नहीं हैं बल्कि आप उन पर बोझ डाल रहे हैं.

ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि अगर कोई शख्स एक समय में तीन तलाक देता है तो शादी नहीं टूटेगी. ऐसे में बिल में जो प्रवाधान है, उससे पति जेल चला जाएगा और उसे 3 साल जेल में रहना होगा. ऐसे में मुस्लिम महिला को गुजारा-भत्ता कौन देगा? आप (सरकार) देंगे?

इस बिल का विरोध करते हुए हैदराबाद से सांसद और AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह संविधान विरोधी व आर्टिकल 14 और 15 का उल्लंघन है. मोदी सरकार को मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी है तो केरल की हिंदू महिलाओं से मोहब्बत क्यों नहीं? आखिर सबरीमाला पर आपका रुख क्या है?

 

Back to top button