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तिरुपति जाए बिना PM मोदी ने कर दिया 23 करोड़ के सोने का चढ़ावा, जानिए कैसे ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चौबीसों घण्टे देश के लोगों की भलाई के लिए काम करने का दावा करते हैं और उनकी योजनाओं में उनके इस दावे की झलक भी दिखाई देती है. मोदी सरकार ने पाँच वर्ष से अधिक के कार्यकाल में कई ऐसी योजनाएँ लागू कीं, जिनसे न केवल अत्यंत ग़रीब, अपितु मध्यम वर्ग के लोगों को भी फायदा हुआ. यहाँ तक कि मोदी की एक योजना तो ऐसी है, जिसका फायदा उठा कर स्वयं भगवान तिरुपति बालाजी मालामाल हो गए.

जी हाँ. हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की गोल्ड मोनेटाइज़ेशन स्कीम (GMS) के बारे में. इस योजना के तहत आम जनता और सभी प्रकार के संगठन सरकार के समक्ष अपने सोने को जमा करा कर परिपक्वता पर निर्धारित अतिरिक्त सोना प्राप्त कर सकते हैं. देश के सबसे अमीर मंदिर तिरुपति बालाजी मंदिर ने मोदी सरकार की इस योजना यानी जीएमएस का फायदा उठाने में तनिक भी देरी नहीं की और 3 साल में ही उसे 70 किलो अतिरिक्त सोना मिला, जिसकी कीमत वर्तमान 10 ग्राम सोने के मूल्य के हिसाब से 23,63,20,000 रुपए होती है.

उल्लेखनीय है कि तिरुपति बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने जीएमस योजना के तहत वर्ष 2016 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 1311 किलो सोना जमा कराया था. तीन साल बाद पीएनबी ने योजना के तहत तिरुपति मंदिर को 70 किलो अतिरिक्त सोना ब्याज के रूप में प्रदान किया है. आज की तारीख़ में सोने का प्रति 10 ग्राम भाव 33 हजार रुपए से अधिक है. इस हिसाब से देखा जाए, तो तिरुपति मंदिर को तीन वर्षों में 23 करोड़ 63 लाख 20 हजार रुपए का फायदा है.

सर्वविदित है कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में करोड़ों लोग सोना चढ़ाते हैं. मंदिर का संचालन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) के अधीन है, जिसके पास 9,259 किलो से अधिक सोना है. टीटीडी ने जीएमएस के तहत 5,387 किलो सोना भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में और 1,938 किलो सोना भारतीय ओवरसीज़ बैंक (IOB) में जमा कर रखा है.

 

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