इस पांच राज्यों के चुनाव से पहले कांग्रेस की बल्ले-बल्ले

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नई दिल्ली। चुनावी महाभारत का आगाज़ हो चूका है. इन पांच राज्य जिनमे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्‍थान, तेलंगाना और मिजोरम के चुनावों में कांग्रेस की जीत की सुगबुगाहट ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के अंदर एक नया जोश भर दिया है। कांग्रेस पार्टी जनाधार बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्तर पर काम कर रही है। पार्टी की यूथ विंग ने महज 45 दिन में तीन लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस से जोड़कर सभी को चौंका दिया है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि, युवाओं ने कांग्रेस पर सबसे अधिक भरोसा दिखाया है। कांग्रेस से जुड़ने वालों में अधिकतर युवा हैं।

सभी विपक्षी पार्टियों के लिए खतरे की घंटी

मीडिया की एक खबर के मुताबिक यूथ कांग्रेस की मध्य और और पूर्वी यूपी की टीमें काफी एक्टिव है। कानपुर में सबसे अधिक युवाओं ने यूथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। उत्तर प्रदेश के भीतर यह सभी विपक्षी पार्टियों के लिए खतरे की घंटी है। सिर्फ डेढ़ महीने में तीन लाख नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना पार्टी के लिए आगामी चुनावों के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं। कांग्रेस की यह उपलब्धि बसपा और सपा के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है।

यूपी में कांग्रेस गुटबाजी की शिकार

फिलहाल राज बब्बर यूपी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। यूपी में कांग्रेस गुटबाजी की शिकार है। राज्य के अंदर कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई है। हाल ही में एक कार्यक्रम को दौरान दो गुटों के कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। हालांकि राज बब्बर के नेतृत्व में पार्टी यूपी के अंदर काफी सक्रियता दिखा रही है। राज बब्बर के नेतृत्व में पार्टी बीजेपी को पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और शासन व्यवस्था को लेकर लगातार घेर रहे हैं।

पश्चिमी यूपी में जनाधार बढ़ाने की कोशिश में लगी कांग्रेस

इधर कांग्रेस पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ स्थानीय किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस इन किसानों का समर्थन कर रही है।