पद्म पुरस्कार पर जो लोग सवाल उठाए, अदनान सामी उन्हें कायदे से धो दिये

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हाल ही में पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गयी, जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न हस्तियों को उनके योगदानों के लिए पद्मश्री से लेकर पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। इसी बीच गायक अदनान सामी खान को भी उनकी सेवाओं के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। परंतु इस बात की घोषणा क्या हुई, मानो कांग्रेसी, लिबरल सभी उनपर टूट पड़े। कला और कलाकारों के हितों के लिए दिन रात एक करने का दावा करने वाले कांग्रेस और उनके वामपंथी समर्थक इस निर्णय से कुपित हो गए। अधिकतर विरोध केवल इसी विरोध के आधार पर किया गया है कि अदनान 2015 से पहले तक पाकिस्तानी थे।

कांग्रेस लीडर जयवीर शेरगिल की माने तो यह सरकार के ‘चमचागीरी की कृपा है’। वहीं दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर सीएए विरोधी राग अलापते हुए ट्वीट किया, “मुझे अदनान सामी को नागरिकता देने की बात करने के लिए खरी खोटी सुनाई गयी थी। मैं खुश हूँ कि उसे नागरिकता मिली और पद्मश्री भी। यदि सरकार एक पाकिस्तानी मुसलमान को नागरिकता दे सकती है, तो सीएए लाने की आवश्यकता क्या है? इसे हिंदुओं और मुसलमानों में दरार डालने के लिए लाया गया है”

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अदनान भारत का मूल नागरिक नहीं है। एमएनएस के सिनेमा विभाग के अध्यक्ष अमय खोपकर ने कहा, “अदनान सामी भारत का मूल नागरिक नहीं है। एमएनएस का विचार है कि उसे कोई भी पुरस्कार नहीं दिया जाना चाहिए। हम इस निर्णय की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि उन्हे दिया पद्मश्री वापिस लिया जाये” –

अब भाजपा पर निशाना साधना हो, और रोहिणी सिंह के मुंह से कुछ न निकाले, ऐसा भला हो सकता है क्या? द वायर के चर्चित पत्रकार ने अदनान पर तंज़ कसने के लिए पूछा, “इसे अवार्ड किस बात का मिल रहा है?”

उधर अदनान सामी ने सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “किसी भी कलाकार के लिए उसके जीवन में सबसे अभूतपूर्व पल तब आता है जब उसके देश की सरकार उसकी प्रतिभा को सम्मान दे। मैं भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार देने के लिए उनका आभारी रहूँगा। 34 वर्षों से संगीत का यह सफर चलता ही जा रहा है। बहुत शुक्रिया!” –

इतना ही नहीं, जयवीर को आड़े हाथों लेते उन्होंने आगे ट्वीट किया, ‘बच्चे क्या तुम अपना दिमाग क्लीयरेंस सेल से लाए हो या फिर सेकंड हैंड नॉवेल्टी स्टोर से खरीदा है। क्या बर्कले में तुम्हे यही सिखाया गया है कि माता-पिता के कृत्यों के लिए बेटा जिम्मेदार या सजा का हकदार होता है? और तुम वकील हो? लॉ स्कूल से तुमने यही सीखा है? इसके लिए शुभकामनाएं।’!” –

बता दें कि अदनान सामी लंदन में पैदा हुए थे, और उनकी माँ भारत के जम्मू क्षेत्र से थीं। उनके परदादा अफगान राजशाही को अपनी सेवाएं देते थे और उनके पिता पाकिस्तानी वायुसेना में पायलट थे। अदनान सामी 2001 से भारत में रह रहे थे और वे भारत के लिए 2003 के क्रिकेट विश्व कप के लिए एक प्रोत्साहन गीत भी लिख चुके हैं। यदि काँग्रेस वास्तव में कलाकारों की हितैषी होती, तो वे अदनान सामी पर ऐसे आरोप लगाने से पहले कई बार सोचती। भले ही मोदी सरकार ने 2015 में अदनान सामी को नागरिकता प्रदान की हो, परंतु यह काँग्रेस पार्टी ही थी जिसने अदनान सामी को इतने लंबे समय तक भारत में रहने का अवसर प्रदान किया। ऐसे में काँग्रेस के वर्तमान व्यवहार को देखकर एक ही बात याद आती है Hypocrisy की भी सीमा होती है।