इस महिला ने फेस पर पीरियड्स का ब्लड लगा कर किया विरोध, कहा क्यों माना जाता है ‘अछूत’

जिस क्षण हम मासिक धर्म के खून की बात सुनते हैं, हमें उतनी ही घिन महसूस होने लगती है. वैसे तो आज कल अगर आप सोशल मीडिया पर नज़र डालें तो मासिक धर्म के खून को पबलिसिटी का माध्‍यम बना कर इतना ज्‍यादा पेश किया जाता है कि, हम सभी को बहुत ज्‍यादा असुविधाजनक महसूस होने लग जाता है.

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लेकिन तब क्‍या होता है जब कोई इस रक्‍त को अशुद्ध दिखाने के बजाए पवित्र बताना चाहे? दरअसल, नेपाल में महलाओं को पीरियड्स के दिनों में घर से अलग झोपड़ी में रहना पड़ता है.

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लेकिन इन दिनों हम आपको एक ऑस्ट्रेलिया का ऐसा मामला बताने जा रहें हैं जिसके बारे में जान कर आप जान कर हैरान रह जायेंगे.

पीरियड्स के दौरान किया विरोध 

ऑस्ट्रेलिया की याजमिना हेड नामक महिला ने पीरियड्स के दौरान महिलाओं के साथ हो रहे गलत व्यवहार को लेकर कुछ अलग तरह से विरोध जताया. याजमिना ने पीरियड्स के खून को चेहरे पर लगा लिया. डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 26 वर्षीय याजमिना ने पीरियड्स का खून लगाते हुए चेहरे की फुटेज भी जारी की. बताया कि माहवारी को लेकर महिलाओं को शर्म करने की जरूरत नहीं है.

एक इंटरव्यू में याजमिना ने कहा कि, ‘माहवारी को लेकर बहुत चीजें महिलाओं के साथ घटतीं हैं, उन्हें तरह-तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है. मैने चेहरे पर पीरियड्स के खून लगाकर जताया कि इसमें कुछ भी बुरा नहीं है. माहवारी को लेकर सवाल नहीं उठने चाहिए. जब आप जीवन को सही तरीके से समझेंगे तो आपको माहवारी में कुछ भी गलत नहीं लगेगा.’

How do you view your monthly bleed?? I personally through my teenage years and early 20s didn’t enjoy or care for my…

Posted by Yazmina Jade on Saturday, January 6, 2018

यजमिना ने आगे कहा कि, मैं तमाम महिलाओं को इस मुहिम से जोड़ रही हूं. उन्हें आमंत्रित कर रहीं हूं कि वे ब्लड के पॉवर को अपने तरीके से दुनिया को बताएं. ताकि लोगों को पता चले कि खून में सृजनात्मक ऊर्जा होती है. यह एक जीवन है. अगर खून नहीं आएगा तो फिर जीवन नहीं होगा.’

याजमिना ने फेसबुक पर अपनी तस्वीर लगाते हुए पीरियड्स को लेकर भ्रांतियों के खिलाफ मोर्चा खोला तो समर्थन मिलना शुरू हुआ. सोशल मीडिया यूजर्स उनकी पोस्ट शेयर कर लोगों से सोच बदलने की अपील कर रहे हैं.