जरा हट के

आपको मालामाल बना सकता है इस जानवर का खून, जानिए कैसे

यूँ तो आपने दुनिया में बहुत सी अजीबोगरीब चीजों के बारे में पढ़ा और सुना होगा, लेकिन आज जो खबर हम आपको बताने वाले है, उसके बारे में जान कर शायद आपको उस पर यकीन न हो सके. जी हां आपको जान कर ताज्जुब होगा कि ये दिलचस्प खबर एक जीव के बारे में है, जिसका खून बाकी जीवो से अलग और नीले रंग का होता है.

इसके इलावा बाजार में इस जीव का खून काफी महंगे दामों पर बेचा भी जाता है. अगर खबरों की माने तो इस जीव का एक लीटर खून बाजार में करीब दस लाख रूपये में बेचा जाता है. अब ये सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लग रहा हो, लेकिन ये सच है. वैसे इस जीव के खून के बारे में जान कर इतना तो आपको पता चल ही गया होगा कि इस जीव के खून से जरूर कुछ खास चीजे बनाई जाती है, तभी तो ये बाजार में इतना महंगा बिकता है.

बरहलाल अब हम आपको बताते है कि आखिर ये अनोखा जीव है कौन और इसका खून बाजार में इतने ऊँचे दामों पर क्यों बेचा जाता है. इसमें सबसे पहले तो हम आपको ये बता दे कि हम यहाँ समुन्द्र में पाए जाने वाले हॉर्सशू केकड़ा नामक जीव की बात कर रहे है. दरअसल चिकित्सा के क्षेत्र में इस जीव का खून किसी चमत्कार से कम नहीं. इसलिए तो इस जीव के खून की कीमत इतनी ज्यादा है.

इसके साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस जीव की बनावट घोड़े की नाल की तरह होती है. इसी वजह से इस जीव को हॉर्सशू क्रैब के नाम से भी जाना जाता है. वही कुछ वैज्ञानिक इसे लिमुलुस पॉलीफेमूस के नाम से भी पुकारते है. इसके इलावा इस जीव के बारे में ये कहा जाता है कि ये जीव पैंतालीस करोड़ सालो से जिन्दा है और इसके बावजूद भी इस जीव में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलता.

 

इसके साथ ही ऐसा माना जाता है कि इस केकड़े का नीला खून ही इसके एंटी बैक्टीरियल तत्व मिलने के कारण इस्तेमाल किया जाता है. जी हां वैज्ञानिको का मानना है कि इस जीव का खून नीला होने की वजह से इसके खून में कॉपर बेस्ड हीमोस्याइनिन होता है, जो ऑक्सीजन को शरीर के सभी हिस्सों में लेकर जाता है. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस जीव के खून का इस्तेमाल शरीर के अंदर इंजेक्ट होने वाली दवाओं में खतरनाक बैक्टीरिया की पहचान के लिए भी होता है. इसके इलावा इसी खून की वजह से इंसानो को दी जाने वाली दवाओं के खतरे और बुरे प्रभावों के बारे में पता चलता है. अब इस खून की इसी खासियत की वजह से इसे लैब में संभाल कर रखा जाता है. इसके इलावा जीव का खून बड़ी सावधानी के साथ निकाला जाता है.

वही खून निकालने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे वापिस सही सलामत छोड़ दिया जाता है. यानि इस जीव को बिना कोई नुकसान पहुंचाए इसके खून का इस्तेमाल किया जाता है.

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